अजनाला थाने के बाहर आइईडी लगाने वाले दो आरोपियों को स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक का नाम जश्नदीप सिंह है। जबकि दूसरा आरोपी नाबालिग युवक है। इन आरोपियों से पुलिस ने दो हैंड ग्रेनेड, एक तुर्की निर्मित पिस्तौल, मैगजीन और छह कारतूस बरामद किए है। आरोपी जश्नदीप सिंह आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा और हैप्पी पाशियां के संपर्क में था।
दोनों आरोपियों ने हैप्पी पाशियां के कहने पर 23 नवंबर की रात को थाने के बाहर आइईडी लगाया था। लेकिन आइईडी में कोई तकनीकी कमी रहने के कारण थाने को उड़ाने की योजना सफल न हो पाई। इसके बाद पुलिस की ओर से आरोपियों को पकड़ने के लिए धड़-पकड़ शुरु की तो दोनों ही शहर छोड़कर भाग गए। कुछ दिन बीत जाने पर आरोपी वापिस अमृतसर लौट आए। इनके बारे में पता लगने पर शुक्रवार को एसएसओसी की टीम ने मौके पर पहुंच कर दोनों को पकड़ लिया और इनकी निशानदेही से दो ग्रेनेड, एक पिस्तौल, छह कारतूस और मैगजीन बरामद किए।
वहीं अभी तक की जांच में सामने आया है कि पकड़े गए दोनों आरोपी अमेरिका में बैठे कुख्यात गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ हैपी पशियां, जर्मन में रहने वाले गोपी नवाशहरिया और जीवन फौजी के संपर्क में थे। आरोपियों से मोबाइल फोन भी बरामद हुए है। जिनकी सारी डिटेल पुलिस की ओर से खंगाली जा रही है। ताकि पता चल सके कि आरोपी और किन-किन लोगों के साथ संपर्क में थे। इसके अलावा और कौन लोग इनके साथ मिले है। ताकि अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जा सके।
दोनों आरोपियों को पाकिस्तान भेजने की थी तैयारी
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि इन दोनों आरोपियों को आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेश्नल में शामिल करवाने की योजना था। जिसके तहत इन दोनों को जल्द ही आतंकी सगंठन के सदस्य किसी तरह बार्डर पार करवा कर पाकिस्तान ले जाने वाले थे। ताकि वहां पर इनको हथियार चलाने, ग्रेनेड फेंकने सहित अन्य सारी ट्रेनिंग दी जा सके और इसके बाद पंजाब सहित अन्य जगहों पर कोई बड़ी वारदात करवाई जा सके। इन आरोपियों को कश्मीर के रास्ते बार्डर पार करवाया जाना था। लेकिन इससे पहले कि यह दोनों आरोपी यहां से फरार हो पाते, इन्हें पुलिस ने दबोच लिया।