पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसे लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने जालंधर, फरीदकोट, बठिंडा, बरनाला और फाजिल्का के डीसी और एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। अधिकारियों से पूछा गया है कि आदेशों का पालन न करने पर उनके खिलाफ वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
पराली जलाने के मामलों में 32 प्रतिशत बढ़ोतरी
आयोग के अनुसार, जालंधर में 15 सितंबर से 3 नवंबर के बीच पराली जलाने के 57 मामले सामने आए। 2025 में इसी अवधि के दौरान 43 मामले दर्ज हुए थे। इस तरह घटनाओं में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फरीदकोट में पराली जलाने की 66 घटनाएं दर्ज की गईं लेकिन इनमें से केवल 49 का ही मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। इस पर आयोग ने चिंता जताई है। वहीं, बठिंडा में भी पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने पर आयोग ने नाराजगी जाहिर की है। यहां 15 सितंबर से 3 नवंबर के बीच 148 मामले सामने आए।