सरकार की ओर से अब तक हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब दाखिल नहीं किया गया है। स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों ने करीब 300 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह जमीन बेहद उपजाऊ है। इस पर औद्योगिक पार्क विकसित करने से खेती और पर्यावरण को नुकसान होगा।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहाली के सेक्टर-101 और 103 में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के भूमि अधिग्रहण मामले में सख्त रुख अपनाया है।
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अदालत ने अधिग्रहण पर लगी रोक को 21 जनवरी तक जारी रखने का आदेश दिया है। साथ ही, पंजाब सरकार को मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया गया है।
सरकार की ओर से अब तक हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब दाखिल नहीं किया गया है। स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों ने करीब 300 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह जमीन बेहद उपजाऊ है। इस पर औद्योगिक पार्क विकसित करने से खेती और पर्यावरण को नुकसान होगा। किसानों ने शुरुआत से ही इस परियोजना का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिग्रहण प्रक्रिया में उनकी आपत्तियों को उचित महत्व नहीं दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की थी। उनका तर्क है कि उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण आजीविका को प्रभावित करेगा। इससे क्षेत्र के पर्यावरण और कृषि गतिविधियों को भी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि भूमि स्थानीय किसानों की आय और आर्थिक गतिविधियों का आधार है।
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23 सितंबर को अधिग्रहण पर लगा दी थी रोक
हाईकोर्ट ने 23 सितंबर को प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा गया था। हालिया सुनवाई में सामने आया कि सरकार ने अब तक अदालत के नोटिस का जवाब दाखिल नहीं किया है। सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी।
अगली सुनवाई और किसानों को राहत
इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया। अदालत ने अगली सुनवाई 21 जनवरी के लिए निर्धारित की है। तब तक भूमि अधिग्रहण पर लगी रोक जारी रहेगी। इससे प्रस्तावित औद्योगिक पार्क के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया फिलहाल रुकी रहेगी। किसानों को इस अंतरिम राहत से लाभ मिलेगा।