पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के बढ़ते कामकाज और लगातार बढ़ रही आधारभूत सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए परिसर के विस्तार की बड़ी योजना तैयार की गई है। इसके तहत हाईकोर्ट भवन में करीब 10 लाख वर्गफीट अतिरिक्त क्षेत्र जोड़ने की योजना है। इतनी ही जगह पार्किंग के लिए उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। विस्तार के दौरान चंडीगढ़ की वास्तुकला, पर्यावरणीय स्वरूप और विरासत की पहचान को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में कहा कि हाईकोर्ट की मौजूदा इमारत उस समय की जरूरतों के अनुसार तैयार की गई थी, जब न्यायाधीशों और अदालत कक्षों की संख्या काफी कम थी। समय के साथ अदालत का कामकाज और संस्थागत जरूरतें कई गुना बढ़ गई हैं। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास योजना तैयार की गई है।