पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ पूरे प्रदेश में युद्ध छेड़ रखा है। साथ ही बॉर्डर एरिया के युवाओं को नशे से निकालने के लिए टू टायर प्लान तैयार किया है। खेल विभाग ने यूथ पॉलिसी तैयारी की है, जिसके तहत युवाओं में खेल व एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
पंजाब कौशल विभाग मिशन ने युवाओं को कौशल से निपुण करने के लिए 125 ट्रेनिंग पार्टनर के साथ हाथ मिलाया है। साथ ही 21 इंडस्ट्री के साथ भी टाईअप किया है। ट्रेनिंग सहयोगियों की तरफ से पहले युवाओं को अलग-अलग पेशेवर कोर्स करवाए जाते हैं, जिसके बाद ही इनकी ट्रेनिंग पूरी करवाकर उनको इंडस्ट्री व कंपनियों में नौकरी दिलाने में मदद की जाती है।
अमृतसर में एमएस कोचर टेक से टाईअप किया गया है, जो युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार प्रदान कर रही है। बॉर्डर के बाकी तीन जिलों में भी विभाग की तरफ से अब काम शुरू किया जाएगा। यहां अब तक 900 युवाओं को कोर्स कराया गया। 682 युवाओं का प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण किया गया है, जिसमें से 303 युवाओं को अब तक नौकरी दी जा चुकी है।
पिछले कुछ सालों से पंजाब में नशे की तस्करी बढ़ती जा रही है। तीन सालों में प्रदेश में भारी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब से वर्ष 2020 में 37364.676 किलो, 2021 में 38783.17 किलो और वर्ष 2022 में 49421.858 किलो ड्रग्स पकड़ी गई है। इसमें अफीम, कैनाबिस आधारित ड्रग्स, कोकीन, औषधीय तैयारियों से के अलावा अन्य तरह की ड्रग्स शामिल है।