उत्तराखंड में हुआ था आयोजन
उत्तराखंड में हुए राष्ट्रीय खेलों में 201 मेडल जीतकर महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर रहा है, जिसके हाथ 54 स्वर्ण पदक लगे थे। इसी तरह 48 स्वर्ण व कुल 153 मेडल के साथ हरियाणा ने तीसरा स्थान हासिल किया है। बता दें कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई खेल नीति लेकर आई, जिसमें खेलों को प्रफुल्लित करने और आधारभूत ढांचे को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी व इनामी राशि में भी बढ़ोतरी की गई, लेकिन बावजूद इसके अभी भी राज्य में खिलाड़ियों के लिए ढांचागत सुविधाओं की कमी है।
शूटिंग में पंजाब के खिलाड़ियों का रहा अच्छा प्रदर्शन
शूटिंग में इस बार प्रदेश के खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन रहा है। 50 मीटर शूटिंग इवेंट में पंजाब की सिफत कौर समरा ने स्वर्ण और अंजुम मौदगिल ने रजत पदक जीता है। इसी तरह स्कीट शूटिंग में महिलाओं के मुकाबले में गनेमत सेखों ने गोल्ड जीता है। भवतेग सिंह गिल ने पुरुषों के मुकाबलों में कांस्य पदक जीता है। भवतेग गिल और गनेमत सेखों ने स्कीट मिक्स्ड टीम इंवेट में भी रजत पदक जीता है। 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल इवेंट में सिमरनप्रीत कौर ने रजत पदक जीता है। अगर अन्य खेलों की बात की जाए तो शॉटपुट में तजिंरपाल सिंह तूर ने स्वर्ण और प्रभकिरपाल सिंह काहलों ने कांस्य पदक जीता है।
खेल नीति भी लाई सरकार, पर काफी काम होना बाकी
सरकार पिछले वर्ष खेल नीति लेकर आई थी, जिसमें गांवों और शहरों में कोच और खेल माहिरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया था, ताकि ये कोच माहिर प्राथमिक प्रशिक्षण, एथलेटिक्स, खेलों, फिटनेस में सही दिशा दे सकें। इसमें हर शहर, टाउन व गांव में चार किलोमीटर के दायरे में एक खेल मैदान बनाने पर जोर दिया गया, लेकिन इसमें अभी काम काम होना बाकी है। सरकार ने अभी तक फिलहाल 260 खेल नर्सरियां तैयार कर ली हैं, जिनका जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा।
राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हमारे मेडल जरुर कम हुए हैं, लेकिन टेबल में हम ऊपर आए हैं। विजेताओं खिलाड़ियों को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा। -हरप्रीत सिंह, निदेशक, खेल और युवा सेवाएं, पंजाब।