पंजाब में हर बूथ-कांग्रेस मजबूत अभियान का पहला चरण पूरा हो गया है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने नौ दिन में 18 जगह ताकत झोंकी। वड़िंग की सभाओं से नाराज नेताओं ने दूरी बनाई है। चन्नी समर्थकों की नारेबाजी से कई जगह हालात बिगड़े हैं। अब राहुल गांधी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने हर बूथ-कांग्रेस मजबूत अभियान के पहले चरण में नौ दिन में 18 जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली। उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर दिया और प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ सभाएं कीं।
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हालांकि इस कवायद के बावजूद पंजाब कांग्रेस में चल रही बगावत कम होने के बजाय और खुलकर सामने आई। नाराज नेताओं ने बघेल और वड़िंग की सभाओं व कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी।
बघेल के दौरे के दौरान अधिकतर सभाएं हंगामे की भेंट चढ़ती रहीं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने कई जगह नारेबाजी कर कार्यक्रमों में व्यवधान डाला। कुछ स्थानों पर हालात हाथापाई तक पहुंच गए। एक सभा में वड़िंग और चन्नी समर्थक कुर्सियां उठाकर आमने-सामने आ गए।
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राहुल गांधी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
वड़िंग ने भी विभिन्न सभाओं के मंच से चन्नी समर्थकों को आड़े हाथों लिया लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई। इससे पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। बघेल नौ दिन के दौरे की रिपोर्ट कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सौंपेंगे।
राहुल गांधी ने सभाओं की निगरानी के लिए एक विशेष टीम भी तैनात की थी। यह टीम अलग से अपनी रिपोर्ट राहुल गांधी को देगी। दोनों रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस हाईकमान पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को लेकर फैसला ले सकता है। माना जा रहा है कि 16 अगस्त के बाद राहुल गांधी इस विवाद में सीधे हस्तक्षेप कर सकते हैं।
पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष ऐसे समय सामने आया है जब कांग्रेस को चुनावी तैयारी तेज करनी है। बघेल का दौरा संगठन की जमीनी स्थिति समझने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए था लेकिन कार्यक्रमों में सामने आए विरोध ने हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है।
बागियों को राहुल से मुलाकात का इंतजार
प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले बागी नेताओं को राहुल गांधी से मुलाकात का इंतजार है। पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक परगट सिंह समेत अन्य नाराज नेताओं ने पहले भी राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा था।
नाराज नेता दिल्ली में संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल से मिल चुके हैं लेकिन राहुल गांधी से मुलाकात का समय अभी तक नहीं मिला है। ये नेता राहुल से मिलकर पंजाब कांग्रेस की स्थिति पर चर्चा करना चाहते हैं।
चुनाव से पहले कांग्रेसियों की एकजुटता चुनौती
पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल पहले ही कह चुके हैं कि प्रदेशाध्यक्ष बदलना गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं है। उन्होंने सभी नेताओं से एकजुट होकर पंजाब में जीत के लिए काम करने को कहा है। प्रदेशाध्यक्ष राजा वड़िंग भी कह चुके हैं कि वे मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते। पार्टी हाईकमान उनका टिकट काट दे तो भी उन्हें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन सभी कांग्रेसी मतभेद दूर कर एकजुट हों।
दरअसल नाराज नेताओं का एक धड़ा वड़िंग के नेतृत्व को अपरिपक्व मानता है। कुछ नेताओं पर समझौता करने तक के आरोप भी लगाए गए हैं। ऐसे में चुनाव से पहले कांग्रेसियों की एकजुटता बड़ी चुनौती है।