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कांग्रेस में घमासान: सीधे हाईकमान से मिलना चाहते हैं चन्नी, बघेल की बैठक से बनाई दूरी; इस संकेत के बाद नाराजगी

Wed, 08 Jul 2026 12:29 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

पंजाब कांग्रेस में घमासान में जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सीधे हाईकमान से मिलना चाहते हैं। उन्होंने प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की बैठक से दूरी बना रखी है। प्रदेश प्रभारी की बैठक में चन्नी गुट का कोई नेता नहीं पहुंचा, पूर्व सीएम चन्नी चंडीगढ़ लौटने के बाद भी बघेल से नहीं मिले। 
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Punjab Congress Crisis - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पंजाब कांग्रेस में बगावत जारी है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने की जिद पर अड़े हैं। इस विवाद को सुलझाने के लिए पंजाब प्रभारी एवं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया मगर चन्नी पहले हाईकमान से मिलना चाहते हैं। लिहाजा मंगलवार को उन्होंने बघेल की बैठक से दूरी बनाई रखी। उनके समर्थक विधायक, पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक भी प्रदेश प्रभारी की बैठक में नहीं गए।
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पार्टी सूत्र बताते हैं कि चन्नी दिल्ली से लौट आए हैं और वे मंगलवार को चंडीगढ़ में ही रहे मगर बघेल से मिलने नहीं पहुंचे। उनके समर्थकों ने यही बताया कि चन्नी जरूरी काम के चलते दो दिन बाद बघेल से मिलेंगे। उधर, सूत्र बताते हैं कि मंगलवार शाम को कांग्रेसी नेता राहुल गांधी की टीम ने पूर्व सीएम चन्नी से संपर्क साधा है। उनकी मुलाकात जल्द राहुल गांधी से हो सकती है जबकि प्रियंका गांधी की ओर से भेजी गई टीम चन्नी से मिलकर जा चुकी है।

हालांकि इस मुलाकात के बाद से पूर्व सीएम चन्नी और उनके समर्थक फिलहाल शांत हैं मगर पंजाब कांग्रेस में जिस तरह से अंदरूनी हालात चल रहे हैं, उस देखते हुए हाईकमान को पार्टी में टूट का डर सता रहा है। 
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चन्नी के एक समर्थक विधायक ने बताया कि मोरिंडा में हुई बैठक में सभी नेताओं ने पूर्व सीएम चन्नी को इस मसले पर हाईकमान से बात करने के लिए अधिकृत किया था, इसलिए सभी नेता चाहते हैं कि प्रदेश प्रभारी से पहले पूर्व सीएम चन्नी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के समक्ष पंजाब के नाराज नेताओं की बात रखें। उनके अनुसार अधिकतर नेता वड़िंग का नेतृत्व स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

एक कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष, छह जिला प्रधान नहीं पहुंचे
मंगलवार को बघेल ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया जोकि देर शाम तक जारी रहा। पहले प्रदेश प्रभारी बघेल ने नवनियुक्त प्रदेश कार्यवाहक प्रधानों सुखजिंदर सिंह डैनी, राजकुमार वेरका और संगत सिंह गिलजियां को बुलाया था मगर गिलिजियां नहीं पहुंचे। इसी तरह उन्होंने सभी जिला प्रधानों को भी बैठक के लिए बुलाया था, उसमें भी छह जिलाध्यक्ष नहीं पहुंचे।
 

इससे पहले बघेल ने कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा, चुनाव घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह, चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति के अध्यक्ष विजय इंदर सिंगला, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता राणा केपी सिंह, चुनाव प्रचार समिति के सह अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा, घोषणा पत्र समिति के सह-अध्यक्ष हरदयाल कंबोज, चुनाव प्रबंधन समिति के सह अध्यक्ष कुलजीत नागरा, ब्रह्म मोहिंद्रा, बलबीर सिंह सिद्धू, शमशेर सिंह दूलों सहित अन्य नेताओं के साथ बैठक की।
 

नेताओं, कार्यकर्ताओं में एकजुटता : बघेल
पंजाब प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं में एकजुटता है और सभी मिलकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जल्द जुटेंगे। जिनके जो गिल-शिकवे हैं, वे जल्द दूर कर लिए जाएंगे। वे एक-एक कर सभी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। बघेल ने कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उद्देश्य और मिशन को लेकर पूरी एकजुटता है। बघेल ने कहा, बैठक में चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। कहना-सुनना जारी है, मिलना-जुलना जारी है।
 

बदलाव न होने के संकेत पर बढ़ी नाराजगी
बघेल ने पंजाब कांग्रेस मुख्यालय में जिलाध्यक्षों की बैठक के दौरान मौजूदा नेतृत्व में बदलाव न होने के संकेत दिए। जिसके बाद पूर्व सीएम चन्नी के समर्थक और नाराज हो गए हैं। उनका कहना है कि अधिकतर नेता यही मांग कर रहे हैं कि मौजूदा नेतृत्व बदला जाए, यदि ऐसा नहीं होता तो नाराजगी और बढ़ेगी।
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चन्नी गुट ने आरोप लगाया है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं ने हाईकमान का गुमराह कर ऐसी नियुक्तियां करवाई हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस पर कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष राज कुमार वेरका ने कहा, बघेल सभी से मुलाकात कर रहे हैं, फिर भी यदि कुछ नेताओं को लगता है कि फिर भी अपनी बात हाईकमान के सामने ही रखनी है, तो भी कोई बात नहीं। उनके अनुसार जल्द सारा विवाद सुलझ जाएगा।
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