पंजाब सरकार ने वीरवार को कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। धान की पराली के उचित प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिमंडल ने धान की पराली पर आधारित नया बॉयलर स्थापित करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी एक करोड़ रुपये और मौजूदा संयंत्र को अपग्रेड करने के लिए 50 लाख रुपये सब्सिडी देने की सहमति दे दी।
इस कदम का उद्देश्य पराली के सही उपयोग को सुनिश्चित करना है, जिससे एक स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त पंजाब बनाया जा सके। यह कदम पराली के सही निपटान द्वारा राज्य के किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करेगा। वहीं, तेजाब पीड़ितों के लिए अब महिलाओं के साथ-साथ तेजाब पीड़ित पुरुषों और ट्रांसजेंडर को भी शामिल किया गया है। तेजाब हमले के पीड़ितों को प्रति माह दी जाने वाली वित्तीय सहायता 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 10,000 प्रति माह कर दी है।
राज्य के छह जिलों में विशेष फास्ट ट्रैक एनआरआई अदालतें
राज्य भर के प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए राज्य के छह जिलों में विशेष फास्ट ट्रैक एनआरआई अदालतें स्थापित करने की मंजूरी। ये अदालतें जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला, शहीद भगत सिंह नगर, मोगा और लुधियाना में स्थापित की जाएंगी। इससे प्रवासी भारतीयों को शीघ्र न्याय मिलने की व्यवस्था और बेहतर होगी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
अन्य महत्वूर्ण फैसले
- ग्रामीण चौकीदारों का मासिक मान-भत्ता मौजूदा 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने की मंजूरी दी गई।महाराजा भूपिंदर सिंह पंजाब स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, पटियाला में शिक्षण संकाय को यूजीसी स्केल देने के लिए भी हरी झंडी दे दी है।
- थर्मल पावर प्लांट बठिंडा की 253 एकड़ भूमि को बठिंडा विकास प्राधिकरण को आवासीय, वाणिज्यिक स्थानों, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, बस स्टैंड, ईएसआई अस्पताल और स्कूलों के लिए उचित उपयोग करने और 1235 एकड़ भूमि को पीएसपीसीएल को वापस करने का फैसला लिया गया।
- थर्मल प्लांट की लगभग 173 एकड़ भूमि में स्थित तीन झीलों का प्रशासनिक नियंत्रण बठिंडा विकास प्राधिकरण के पास रहेगा, जबकि मालिकाना हक पीएसपीसीएल के पास रहेगा।
- कृषि उद्देश्यों के लिए 200 सोलर पंप स्थापित करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की अनुमति दे दी है। मंत्रिमंडल ने किसानों को मुफ्त बिजली देने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि इस परियोजना के लिए 90 प्रतिशत फंडिंग पंजाब सरकार की ओर से की जाएगी।
- लुधियाना के बुड्ढा नाले में गोबर के कारण उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए मंत्रिमंडल ने औद्योगिक शहर में अत्याधुनिक बायो-मीथेन प्लांट स्थापित करने की अनुमति दे दी है। यह प्लांट 2.5 एकड़ में फैला होगा और इसकी दैनिक क्षमता 300 टन होगी।
- पापरा लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के लिए समय सीमा 1 जनवरी, 2024 से 31 दिसंबर, 2025 तक दो साल के लिए 25,000 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की विस्तार शुल्क पर बढ़ाने की भी मंजूरी दे दी। इसी तरह मेगा परियोजनाओं के लिए भी 25,000 रुपये प्रति एकड़ की विस्तार शुल्क पर 31 दिसंबर 2025 तक एक साल का विस्तार करने की मंजूरी दे दी है। इससे डेवलपर,प्रमोटर को अपनी परियोजनाओं को पूरा करने में राहत मिलेगी और परियोजनाओं के आवंटियों को होने वाली कठिनाइयां समाप्त हो जाएंगी।
- एक और नागरिक केंद्रित निर्णय लेते हुए मंत्रिमंडल ने गांव महरू, टिवाणा और तसलपुर को उप-मंडल/तहसील दूधन साधां, जिला पटियाला से निकालकर उप-तहसील घनौर, तहसील राजपुरा, जिला पटियाला में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इसी तरह उप-मंडल चीमा के गांव नमोल को उप-डिवीजन सुनाम ऊधम सिंह वाला, जिला संगरूर में शामिल करने की अनुमति दे दी है। इससे संबंधित गांवों के लोगों को अपने रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से करवाने में मदद मिलेगी।
पंजाब सरकार 111 बागवानी विकास अधिकारियों की भर्ती करेगी
पंजाब सरकार ने 111 बागवानी विकास अधिकारियों (एचडीओ) की भर्ती को मंजूरी दे दी है। इस पहल का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र का समग्र विकास करना, किसानों को सहयोग देना और राज्य में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है। बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से इन 111 बागवानी विकास अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चयन प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक विवरण पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) को भेजे जाएं।