फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab Cabinet: मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के लिए 100 करोड़ का फंड, माइनिंग पाॅलिसी में संशोधन

Thu, 03 Apr 2025 10:22 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट की बैठक में हुए फैसले को लेकर बताया कि सीएम मान ने अलग अलग एजेंडों पर चर्चा की। इस दौरान कुल 14 एजेंडों पर चर्चा हुई। 
विज्ञापन
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते वित्तमंत्री हरपाल चीमा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीएम भगवंत मान ने वीरवार को मंत्रिमंडल की बैठक में तीन अहम फैसलों पर मुहर लगाई। सीएम ने मई में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को फिर से हरी झंडी दे दी है। इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है। खास बात ये कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजा का लाभ अब 50 साल या इससे अधिक उम्र के लोग उठा सकेंगे। मान सरकार ने 27 नवंबर 2023 को इस योजना की शुरुआत की थी, तब 75 साल या इससे अधिक उम्र के लोग ही इसके पात्र थे।

मंत्रिमंडल ने दूसरा बड़ा फैसला प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए नीति में संशोधन को मंजूरी दी है। तीसरे फैसले में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस में से 80 में पायलट प्रोजेक्ट क तहत सरकार अब इन स्कूलों को आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को एडॉप्ट करने के लिए देगी। इन 80 स्कूल ऑफ एमिनेंस में सरकार मेंटोरशिप प्रोग्राम चलाएगी। इस प्रोग्राम के तहत आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी अपने जिला के एक स्कूल को गोद लेंगे और वहां हफ्ते, 15 दिन या महीने में एक बार जाकर बच्चों के साथ बातचीत और उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर मार्गदर्शन करेंगे। इस योजना के जरिए आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी बच्चों को उनकी स्टडी के दौरान प्रतियोगिता परीक्षाओं के बारे में तैयारी करने से लेकर उनके जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए टिप्स देंगे।

वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट की बैठक में हुए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अवैध खनन को रोकने और रेत व बजरी की कीमतों को और कम करने का रास्ता साफ कर दिया। मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब राज्य माइनर मिनरल नीति’ में संशोधन करने के लिए सहमति दे दी है। इससे बाजार में कच्चे माल की आपूर्ति बढ़ेगी, अवैध खनन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। राज्य का राजस्व बढ़ाना और खनन क्षेत्र में संभावित एकाधिकार को खत्म करने से इस नीति में संशोधन करना जरूरी था। नीति में किये गए संशोधन पर वित्तमंत्री चीमा ने बताया कि यह क्रशर माइनिंग साइट्स (सीआरएमएस) से संबंधित है, जिसके तहत क्रशर मालिक जिनके पास बजरी वाली जमीन है, अब खनन लीज प्राप्त कर सकेंगे। इस कदम से अन्य राज्यों से खनन सामग्री की अवैध परिवहन पर रोक लगेगी। इससे बाजार में कुचली हुई रेत और बजरी की उपलब्धता बढ़ेगी, जो राज्य में विकास गतिविधियों के लिए आवश्यक है। इसी तरह लैंड ऑनर माइनिंग साइट्स (एलएमएस) के तहत रेत वाली जमीनों के मालिकों को सुविधा होगी और वे खनन लीज के लिए आवेदन कर सकेंगे तथा खनन सामग्री को सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों पर खुले बाजार में बेच सकेंगे। पहले जमीन मालिकों की सहमति न होने के कारण कई खनन स्थल कार्यशील नहीं थे, क्योंकि जमीन मालिक अपनी जमीन से किसी अज्ञात व्यक्ति को खनन की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं होते थे। एलएमएस की शुरुआत से कार्यशील खनन स्थलों की संख्या बढ़ेगी, जिससे बाजार आपूर्ति बढ़ने के साथ-साथ राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा। यह कदम खनन क्षेत्र में एकाधिकार को खत्म करेगा।

सरकार ने रेत और बजरी पर रॉयल्टी रेट बढ़ाए

वित्तमंत्री चीमा ने बताया कि डिप्टी कमिश्नरों को सरकारी और पंचायती जमीनों के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी करने का अधिकार दिया गया है, क्योंकि वे इन जमीनों के संरक्षक होते हैं। सरकारी जमीनों पर खनन स्थलों के संचालन को तेज करेगा। रेत पर रॉयल्टी बढ़ाकर 1.75 रुपए प्रति क्यूबिक फीट कर दी गई है, जिसकी पिट-हेड कीमत 7 रुपए प्रति क्यूबिक फीट है। बजरी व आरबीएम पर रॉयल्टी बढ़ाकर 3.15 रुपए प्रति क्यूबिक फीट कर दी गई है, जिसकी पिट हेड कीमत 9 रुपए प्रति क्यूबिक फीट है।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का पंजीकरण अप्रैल के अंत से

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का लाभ उठाने के इच्छुक लोगों की यात्रा का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी, जिसमें वातानुकूलित यात्रा, आरामदायक आवास और भोजन-पान की व्यवस्था आदि सुविधाएं शामिल होंगी। यह योजना हर जाति, धर्म, आय और क्षेत्र के लोगों के लिए है। पंजाब के सभी शहरों और गांवों के लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं। यात्रा का उद्देश्य राज्य की समृद्ध आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मूर्त रूप देना है और इसमें सभी प्रमुख धार्मिक स्थानों की यात्राएं शामिल होंगी। तीर्थ यात्रा पर जाने वालों के लिए पंजीकरण अप्रैल के आखिरी सप्ताह से शुरू होगा और यात्रा मई में शुरू होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें