भारतीय जनता पार्टी सभी राज्यों में पार्टी प्रधानों के चुनाव करवा रही है, जिसके बाद पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना है। पंजाब भाजपा को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद नया प्रधान मिलेगा। हाईकमान प्रधान की सीधी नियुक्ति करेगा। इसके लिए प्रधानगी के दावेदारों ने जोर लगाना शुरू कर दिया है।
लोकसभा चुनाव के बाद जाखड़ ने दिया था इस्तीफा
पंजाब भाजपा के मौजूदा प्रधान सुनील जाखड़ ने लोकसभा चुनाव में पंजाब से कोई सीट न जीत पाने के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि हाईकमान ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था। पार्टी के अनुसार फिलहाल भाजपा के बूथ, मंडल और जिला स्तर के चुनाव नहीं हुए हैं, इसलिए प्रधान का चुनाव नहीं करवाया जा सकता है। यही कारण है कि जुलाई में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद सीधी नियुक्ति करने की तैयारी की जा रही है।
चर्चा है कि अगर जाखड़ 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की कमान संभालने के लिए राजी हो जाते हैं तो उनको दोबारा जिम्मेदारी भी मिल सकती है। अगर ऐसा नहीं होता तो फिर किसी और को इसके लिए तैयार किया जाएगा।
गौरतलब है कि 2024 लोकसभा चुनाव भाजपा ने जाखड़ की प्रधानगी में ही लड़ा था। इस चुनाव में पार्टी को कोई सीट नहीं मिली थी, लेकिन भाजपा अपना वोट शेयर बढ़ाने में सफल जरूर रही थी। पार्टी का वोट शेयर 2019 में 9.63% से बढ़कर 2024 लोकसभा चुनाव में 18.56% तक पहुंच गया था।
प्रधानगी की रेस में पूर्व प्रधानों का भी नाम
पंजाब भाजपा प्रधान के लिए पूर्व प्रधान भी रेस में हैं, इनमें मनोरंजन कालिया, अविनाश राय खन्ना, श्वेत मलिक और अश्वनी शर्मा का भी नाम चल रहा है। जाखड़ से पहले पंजाब भाजपा की कमान अश्वनी के हाथ में थी। इसके अलावा पार्टी जट सिख चेहरे पर भी दाव खेल सकती है, ताकि शहरी के साथ ही ग्रामीण वोट बैंक में पकड़ बनाई जा सके। इनमें फतेहजंग बाजवा, राणा गुरमीत सोढी और केवल सिंह ढिल्लों का नाम भी चल रहा है।