संगरूर के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रंदीप सिंह देओल, मनिंदर सिंह कपियल, जतिंदर कालड़ा समेत बागी नेताओं ने आरोप लगाया था कि पंजाब भाजपा के संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु ने पार्टी संविधान का उल्लंघन कर छह जिलाध्यक्षों को पद से हटाया है।
पंजाब भाजपा की अनुशासन समिति ने बागी हुए तीन नेताओं को नोटिस जारी कर तीन दिन में उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। तीनों नेता संगरूर के हैं।
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तीनों ने भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की थी। इन नेताओं में दो पूर्व जिलाध्यक्ष रंदीप सिंह देओल, मनिंदर सिंह कपियल और पूर्व प्रदेश समन्वयक जतिंदर कालड़ा शामिल हैं।
संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रंदीप सिंह देओल, मनिंदर सिंह कपियल, जतिंदर कालड़ा समेत बागी नेताओं ने पार्टी के राज्य नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। नेताओं ने आरोप लगाया था कि पंजाब भाजपा के संगठन महामंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु ने पार्टी संविधान का उल्लंघन कर छह जिलाध्यक्षों को पद से हटाया है। इसके विरोध में उन्होंने 29 अगस्त से पंजाब भाजपा
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बचाओ यात्रा निकालने और प्रदर्शन करने का एलान किया।
नेताओं ने पटियाला में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी वाली क्षेत्रीय बैठक में संगरूर जोन के असंतुष्ट नेताओं को नहीं बुलाने पर भी सवाल उठाए थे। उनके रुख को पार्टी लाइन के खिलाफ बगावत माना जा रहा है।
भाजपा की अनुशासन समिति ने कहा है कि इस आचरण से प्रथम दृष्टया पार्टी की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और संगठनात्मक छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। पार्टी संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित नेताओं को नोटिस प्राप्त होने के सात दिन में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि पार्टी अनुशासन के कथित उल्लंघन और पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। यह नोटिस अनुशासन समिति के अध्यक्ष सोम प्रकाश की ओर से जारी किया गया है।