पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में गुरुवार को पंजाब बंद का व्यापक असर देखने को मिला। झोटा के परिवार और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से बुलाए गए बंद को कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, भाजपा, अकाली दल वारिस पंजाब दे, किसान संगठनों और कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला। कई जिलों में बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के शटर बंद रहे, जबकि कुछ जगह प्रदर्शनकारियों ने सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात रोकने का प्रयास किया। बंद के दौरान झोटा के परिवार ने मामले की सीबीआई जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इस बीच, मानसा सिटी-2 की एसएचओ इंस्पेक्टर बिअंत कौर को निलंबित कर दिया गया।
मानसा में लगातार तीसरे दिन बंद रहे बाजार, धरनास्थल पर जुटे लोग
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। गुरुवार को पंजाब बंद के आह्वान पर शहर के बाजार और दुकानें बंद रहीं। मानसा के आसपास के कस्बों में भी बंद को समर्थन मिला। भारी बारिश के कारण प्रदर्शन स्थल पर पानी भर गया, लेकिन इसके बावजूद वहां लोगों की भीड़ जुटी रही। प्रशासन ने ट्यूबवेल की मदद से पानी निकलवाया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए। प्रदर्शनकारियों ने झोटा हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अमृतसर में किसानों ने निकाला मार्च, सरकार का पुतला जलाया
अमृतसर में बंद का असर बाजारों में दिखाई दिया। हाल बाजार, कटरा जैमल सिंह और लॉरेंस रोड समेत प्रमुख बाजारों में कई दुकानें बंद रहीं। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसानों और समर्थकों ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने गोल्डन गेट पर पंजाब सरकार का पुतला फूंका और दुकानदारों से बंद का समर्थन करने की अपील की। बंडारी पुल के आसपास भी प्रदर्शनकारियों ने आवाजाही प्रभावित करने का प्रयास किया। किसान संगठनों ने नशा तस्करी पर रोक लगाने, झोटा हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बठिंडा में दुकानें बंद, हाईवे जाम करने पहुंचे किसानों को हिरासत में लिया
बठिंडा में सुबह से ही पंजाब बंद का असर दिखा और कई बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं। दुकानदारों ने नशे के खिलाफ लड़ाई को पंजाब के युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताते हुए बंद को समर्थन दिया। इस दौरान कुछ निहंगों ने बस स्टैंड के बाहर प्रदर्शन करने का प्रयास किया, जबकि किसानों ने अमृतसर नेशनल हाईवे जाम करने की कोशिश की। पुलिस ने 10 से अधिक किसानों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर रोक नहीं है, लेकिन सड़क जाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शहर में कुछ बैंक भी बंद रहे।
मोहाली में एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बंद होने से यातायात प्रभावित
मोहाली जिले में भी बंद का असर देखने को मिला। मोहाली शहर के अलावा जीरकपुर, डेराबस्सी, लालड़ू, खरड़ और कुराली में कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आवाजाही रोकी। कई एंट्री और एग्जिट प्वाइंट प्रभावित होने से दफ्तर जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। बंद के मद्देनजर डेराबस्सी के कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई। जीरकपुर के जीएस मेमोरियल स्कूल में भी छुट्टी रही। सुबह सरकारी बसें चलती रहीं, जबकि निजी बसों की सेवाएं प्रभावित हुईं। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर जवान तैनात किए।
जालंधर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन, पुलिस ने खुलवाया रास्ता
जालंधर जिले में बंद का व्यापक असर रहा। कई बाजारों में दुकानें बंद रहीं और प्रदर्शनकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर सड़क यातायात बाधित किया। परागपुर गांव के निकट अमृतसर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाया। पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराने के लिए प्रदर्शनकारियों को हटाया। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। निजी स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर बंद का असर दिखाई दिया। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था प्रभावित न करने की अपील की।