पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में जरूरी सेवाओं में लगे कर्मचारियों को सरकार अनुबंध में लाएगी। यह जानकारी सीएम मान ने दी। विधानसभा सत्र में इस बिल को पारित कर दिया है।
पंजाब विधानसभा में सोमवार को नौ विधेयक पेश किए गए। इस दौरान छह विधेयकों पर सदन में चर्चा हुई जबकि डिजिटल यूनिवर्सिटी से जुड़े दो और जीएसटी संशोधन संबंधी एक विधेयक बिना चर्चा के ही पारित कर दिए गए। दरअसल, विपक्ष डिजिटल यूनिवर्सिटी से जुड़े विधेयकों पर कुछ तथ्य सदन के सामने रखना चाहता था, लेकिन उन्हें बोलने का समय नहीं मिला।
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VIDEO | Chandigarh: On the monsoon session of the Punjab Legislative Assembly, Chief Minister Bhagwant Mann (@BhagwantMann ) says, "Several important Bills were introduced in the monsoon session of the Punjab Legislative Assembly today. One of them addresses the issue of… pic.twitter.com/mEfsUlDfWC
इससे नाराज निर्दलीय विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह, पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह समेत अन्य कांग्रेसी विधायक कुछ दस्तावेज लेकर वेल में पहुंच गए। राणा इंदर प्रताप सिंह ये दस्तावेज स्पीकर, शिक्षा मंत्री और पूर्व शिक्षा मंत्री को देना चाहते थे लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। नाराज विधायक वेल में खड़े होकर नारेबाजी करते रहे।
हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी सदन में पहुंच गए लेकिन विपक्षी विधायकों का हंगामा जारी रहा। मुख्यमंत्री ने राणा इंदर प्रताप सिंह से दस्तावेज उन्हें सौंपने का आग्रह किया मगर विधायक ने उन्हें दस्तावेज नहीं सौंपे और नारेबाजी करते रहे। उधर, देखते ही देखते डिप्टी स्पीकर ने तीनों विधेयक बिना बहस के ही पारित करवा दिए। इसके बाद कुछ नाराज विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।
- पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक-2026: इससे औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ होंगी। आधुनिकीकरण बेहतर तरीके से होगा। औद्योगिक इकाइयों को म्यूनिसिपल प्रॉपर्टी टैक्स की जगह केवल मासिक कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस चार्ज देना होगा।
- द पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक, 2026: सालाना फीस बढ़ोतरी अधिकतम पांच प्रतिशत तक सीमित होगी। अधिक वसूली गई फीस वापस करनी होगी। किताबें और यूनिफॉर्म किसी विशेष वेंडर से खरीदने की मजबूरी खत्म होगी। इससे 7,800 स्कूलों के लगभग 32 लाख छात्रों के परिवारों को राहत मिलेगी।
- डिजिटल यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन विधेयक—क्लाउड यूनिवर्सिटी, होशियारपुर विधेयक-2026, एमएस डिजिटल यूनिवर्सिटी, पटियाला विधेयक-2026 और फिजिक्स वाला डिजिटल यूनिवर्सिटी, पटियाला विधेयक-2026: इससे उच्च शिक्षा का डिजिटलीकरण होगा। घर बैठे उच्च गुणवत्ता वाले डिग्री और डिप्लोमा कोर्स किए जा सकेंगे। कम खर्च में पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।
- पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (संशोधन) विधेयक-2026: व्यापारियों और निर्यातकों को टैक्स नियमों में बड़ी राहत मिलेगी। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले कारोबारियों को 90 प्रतिशत तक अंतरिम इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड तुरंत मिलेगा। इससे छोटे निर्यातकों को लाभ होगा।
- पंजाब राज्य आउटसोर्स्ड परसोनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) विधेयक-2026: आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण खत्म होगा। उन्हें सीधे सरकारी अनुबंध पर रखा जाएगा। थर्ड पार्टी एजेंसियों का 15 से 22 प्रतिशत कमीशन खत्म होगा। यह पूरा पैसा सीधे कर्मचारियों को मिलेगा। सरकारी भत्तों और छुट्टियों का लाभ भी मिलेगा।
- पंजाब पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026: ग्रामीण विकास विभाग का कामकाज सुव्यवस्थित होगा और ग्रामीण प्रशासन अधिक मजबूत बनेगा। पंचायत सचिवों और ग्राम सेवकों के कैडरों का विलय करके एक नया साझा कैडर बनाया जाएगा। नए पद का नाम पंचायत विकास सचिव (पीडीएस) होगा। इससे अफसरशाही की जटिलताएं कम होंगी।
- पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक, 2026: शहरी क्षेत्रों में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई रुकेगी। अब एक पेड़ काटने के बदले 10 नए पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। 100 वर्ष से पुराने ऐतिहासिक या सांस्कृतिक पेड़ों को काटने पर 25 पौधे लगाने होंगे। बिना पूर्व अनुमति के पेड़ काटने या उन्हें नुकसान पहुंचाने पर 10 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना होगा।