पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्र राजनीति अपने पूरे शबाब पर है। पीयू छात्र संघ चुनाव में पहली बार एक ब्लाइंड कैंडिडेट जनरल सेक्रेटरी के पद पर लड़ रहे हैं। हिंदी विभाग के नरेश कुमार अंबेडकर स्टूडेंट फॉर्म की तरफ से चुनाव लड़ेंगे।
आज छात्र संगठनों ने अपने उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल किए। वहीं देव समाज कॉलेज 45 में परनीत कौर का अध्यक्ष बनना तय हुआ है। सिर्फ परनीत ने ही नामांकन भरा है।
नामांकन पत्रों की जांच के दाैरान पीयू में हंगामा हो गया। विद्यार्थियों ने डीएसडब्ल्यू कार्यालय बंद कर दिया है। सोई पार्टी का कहना है कि उनके कैंडिडेट की अटेंडेंस कम बताई गई है जबकि पहले जब उन्होंने पूछा था तो अटेंडेंस 78 प्रतिशत बताई गई थी। ऐन माैके पर उनके नॉमिनेशन को रद्द कर दिया गया है।
छह संगठनों ने अध्यक्ष पद के लिए उतारे चेहरे
अभी तक आईसा, सत्थ, एबीवीपी, एनएसयूआई, एसैप, पीयूडीएफ और एएसए ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है। अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी से अंकित बिढान, पीयूडीएफ से अरमान सिंह, एनएसयूआई से गुरमन सिद्धू, एसैप से आदिल बराड़, आईसा से अरमान सिंह और सत्थ से दर्शप्रीत सिंह के मैदान में उतरने की तैयारी है। वाइस प्रेसिडेंट पद पर एनएसयूआई से आकांक्षा ठाकुर और आईसा से अमीन उम्मीदवार होंगी। एएसए से रमनीक परोचा मैदान में हैं, हालांकि उनका पद अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
हॉस्टल से सफाई और फंड तक, मुद्दों की फेहरिस्त तैयार
इस बार छात्र संगठनों ने सुरक्षा, हॉस्टल की समस्याओं, कैंपस की सफाई व्यवस्था और फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता को प्रमुख मुद्दा बनाया है। संगठन विद्यार्थियों की रोजमर्रा की परेशानियों को चुनावी एजेंडे में शामिल कर रहे हैं। हॉस्टल से लेकर स्टूडेंट्स सेंटर तक छात्र संगठनों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
सोशल मीडिया से कैंटीन तक प्रचार तेज
चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। हॉस्टलों, कैंटीन और स्टूडेंट्स सेंटर में छात्रों से संपर्क किया जा रहा है। स्टिकर और पोस्टर के जरिये भी प्रचार अभियान को धार दी जा रही है। पिछले साल कई छात्र संगठनों ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था।
इस बार अभी तक किसी संगठन ने गठबंधन की घोषणा नहीं की है। ऐसे में नामांकन के बाद तस्वीर और साफ होगी। सोमवार को दावेदारों के सामने आते ही पीयू की छात्र राजनीति में मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है।