लंबित आवेदन और वापसी
कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 3,779 भारतीय नागरिकों को वापस भेजा गया। 2026 में 31 अगस्त तक यह संख्या बढ़कर 4,227 पहुंच गई। इसी तारीख तक 10,295 भारतीय नागरिकों के देश से निष्कासन की प्रक्रिया चल रही थी। मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पीआर के कुल 10,07,400 आवेदन प्रक्रिया में थे। इनमें से करीब 5.37 लाख आवेदन निर्धारित समय-सीमा से बाहर लंबित थे। यह आंकड़ा सभी देशों के आवेदकों का है।
विशेषज्ञ की राय और भावी अवसर
इमिग्रेशन विशेषज्ञ पूजा सिंह के अनुसार दोनों देशों के बीच बढ़ती बातचीत महत्वपूर्ण है। पंजाबियों का कनाडा से शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक संबंधों के माध्यम से गहरा जुड़ाव है। यदि कनाडा स्थायी निवासियों का वार्षिक लक्ष्य 4 लाख या अधिक करता है तो योग्य उम्मीदवारों के लिए अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, संबंध सुधरने से हर आवेदक को पीआर मिलने की गारंटी नहीं मिलती। युवाओं को अपनी भाषा दक्षता, कार्य अनुभव और शैक्षणिक योग्यता मजबूत करनी चाहिए। किसी भी इमिग्रेशन निर्णय से पहले कनाडा सरकार की आधिकारिक घोषणाओं की जांच आवश्यक है। कनाडा सरकार ने 2026 से 2028 तक हर साल 3 लाख 80 हजार स्थायी निवासियों का लक्ष्य रखा है। अगले साल यह आंकड़ा 4 लाख पार कर सकता है।