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Sunam: कंपनी ने नहीं भरा 88 हजार का बिल, सीएम के गृहक्षेत्र में सेवा केंद्र की बत्ती गुल; जनरेटर का लिया सहारा

Thu, 09 Jul 2026 01:46 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला

सार

सेवा केंद्र पर फरवरी 2026 तक 86,921 रुपये का बिजली बिल बकाया था, जिसे चुकाने की जिम्मेदारी केंद्र का संचालन कर रही निजी कंपनी की थी। इसी बीच पावरकॉम ने 1 जून 2026 से सभी सरकारी इमारतों और अदारों के लिए 'प्रीपेड मीटर योजना' अनिवार्य रूप से लागू कर दी। 
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सुनाम का सेवा केंद्र - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंजाब सरकार, सूबे के लोगों को कॉर्पोरेट तर्ज पर त्वरित प्रशासनिक सुविधाएं देने के लिए सेवा केंद्रों का संचालन निजी कंपनियों को सौंप चुकी है, वहीं इन कंपनियों की गंभीर लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 

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मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के अपने ही गृह क्षेत्र सुनाम का मुख्य सेवा केंद्र आज अंधेरे के साये में है। निजी कंपनी द्वारा पिछले कई महीनों से बिजली बिल का भुगतान न करने के चलते पावरकॉम के ऑटो-प्रोसेस सिस्टम ने केंद्र का बिजली कनेक्शन काट दिया है।

जानकारी के अनुसार इस सेवा केंद्र पर फरवरी 2026 तक 86,921 रुपये का बिजली बिल बकाया था, जिसे चुकाने की जिम्मेदारी केंद्र का संचालन कर रही निजी कंपनी की थी। इसी बीच पावरकॉम ने 1 जून 2026 से सभी सरकारी इमारतों और अदारों के लिए 'प्रीपेड मीटर योजना' अनिवार्य रूप से लागू कर दी। पुराना बकाया और नया खर्च मिलकर यह राशि कुल 88,741 रुपये तक पहुंच गई। चूंकि कंपनी ने मीटर रिचार्ज नहीं कराया, इसलिए प्रीपेड सिस्टम के नियमों के तहत बुधवार को 'ऑटो-कट' से केंद्र की बत्ती गुल हो गई।
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पावरकॉम के एसडीओ चमकौर सिंह और आरए अश्विनी कुमार ने पुष्टि की है कि नई प्रीपेड प्रणाली में बैलेंस शून्य होने के कारण ऑटो-प्रोसेस के तहत कनेक्शन कटा है। कंपनी और संबंधित उच्चाधिकारियों को बकाया राशि तुरंत जमा करने के लिए लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। 

बिजली कटने के बाद सेवा केंद्र ने आम जनता की सहूलियत को देखते हुए जेनरेटर का सहारा लिया है। सेवा केंद्र में तैनात कर्मचारी अमनदीप कौर ने बताया कि बुधवार को कनेक्शन कट गया लेकिन जेनरेटर चलाकर काम को सुचारू रखा गया है। लोगों ने मांग की है कि ऐसी लापरवाह निजी कंपनियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए, जो सरकार के 'डिजिटल पंजाब' के दावों को 'डीजल पंजाब' में बदलने पर तुली हैं।

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