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पीएम से मुलाकात पर बोले सांसद मनीष तिवारी: मैं शिष्टाचार-प्रोटोकॉल के नियम मानने वाला पुराने ख्याल का आदमी

Sat, 18 Jul 2026 01:05 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पीएम नरेंद्र मोदी एक कार्यक्रम में शुक्रवार को चंडीगढ़ आए थे। इस दाैरान मंच पर उनके साथ कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी भी थे। दोनों के बीच लगभग एक मिनट की मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। 
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मंच पर पीएम मोदी से हाथ मिलाते सांसद मनीष तिवारी। - फोटो : @ManishTewari
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विस्तार
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चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच करीब एक मिनट की मुलाकात ने नई चर्चा पैदा कर दी है। 

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कार्यक्रम समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री ने मंच से उतरते समय तिवारी से गर्मजोशी से हाथ मिलाया और दोनों के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद थे। बातचीत के बाद जब पत्रकारों ने तिवारी से चर्चा का विषय पूछा तो उन्होंने मुस्कराते हुए सिर्फ इतना कहा कि यह प्राइवेट बात है। उनके इस जवाब ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी।

एक्स पर लिखा- विकास पार्टी की राजनीति से ऊपर

शनिवार को मनीष तिवारी ने इस पर एक पोस्ट की। तिवारी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि मैंने हमेशा विकास की जरूरतों को पार्टी की राजनीति से ऊपर रखने की कोशिश की है।

24 अगस्त 2022 को, जब पीएम ने न्यू चंडीगढ़ में डॉ. होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (टाटा मेमोरियल सेंटर) का उद्घाटन किया, तो श्री आनंदपुर साहिब के सांसद के तौर पर मैं भी वहां मौजूद था। आज वह टाटा मेमोरियल सेंटर पूरे इलाके के हजारों कैंसर मरीजों के लिए जीवन-रेखा बना हुआ है।
 

17 जुलाई 2026 को, जब पीएम मोदी ने चंडीगढ़ और मेरे पुराने संसदीय क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, तब भी मैं वहां मौजूद था क्योंकि ये परियोजनाएं उन लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में मदद करेंगी जिनकी सेवा के लिए हमें चुना गया है।

पिछले 45 साल में एक राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर मैंने देखा है कि हमारी राजनीति कैसे धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही है। यह राजनीति अब बहुत जहरीली और नुकसानदेह हो गई है, जहां राजनीतिक विरोधियों को जानलेवा दुश्मन माना जाता है। दिल्ली इस बिगड़ी हुई राजनीति की मिसाल बन गई है।

हालांकि, मैं अभी भी 'पुराने ख्यालों' वाला इंसान हूं जो शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के कुछ बुनियादी नियमों में यकीन रखता है और सबसे बढ़कर, विकास की जरूरतों को पार्टी की राजनीति से ऊपर रखता है। मैं ऐसा ही हूं, चाहे कोई कुछ भी सोचे!
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चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष ने किया था तिवारी के न जाने का दावा
यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कार्यक्रम से पहले चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि मनीष तिवारी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। हालांकि सांसद प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम में पहुंचे और मंच पर मौजूद रहे। प्रधानमंत्री से उनकी आत्मीय मुलाकात ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पंजाब की राजनीति नए समीकरणों के दौर से गुजर रही है। एक ओर भाजपा पंजाब में अपना आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस संगठन में लगातार असंतोष और अंदरूनी खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं।

मनीष तिवारी भी पिछले कुछ समय से पार्टी नेतृत्व के कई फैसलों पर असहमति जताते रहे हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों के तहत गठित समितियों और संगठनात्मक नियुक्तियों में उन्हें जगह नहीं मिलने पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी पार्टी के भीतर असुरक्षा की भावना और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि
इसके साथ उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस ने उन्हें पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और वह इसे भूल नहीं सकते।
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