2022 के विधानसभा चुनाव में आप के अमन अरोड़ा को 94,794 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के जसविंदर सिंह धीमान को 19,517 वोट मिले। 2017 में अमन अरोड़ा ने 72,815 वोट हासिल कर अकाली दल के गोविंद सिंह लोंगोवाल को हराया था।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सुनाम हलके में सियासी सरगर्मी अभी से तेज होने लगी है। पिछले विधानसभा चुनाव में 75,277 वोटों के सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले कैबिनेट मंत्री और आप नेता अमन अरोड़ा लगातार तीसरी जीत की तैयारी में जुटे हैं।
विज्ञापन
अमन अरोड़ा इस सीट से 2017 और 2022 में लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि, इस बार विपक्षी दल भी संभावित प्रत्याशियों और चुनावी रणनीति को लेकर मंथन में जुटे हैं। ऐसे में विकास के दावों और नशा, भ्रष्टाचार व कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों के बीच 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं।
2017 में अमन अरोड़ा का मुख्य मुकाबला शिरोमणि अकाली दल से रहा था, जबकि 2022 में कांग्रेस प्रत्याशी जसविंदर सिंह धीमान उनके सामने थे। आगामी चुनाव के लिए कांग्रेस में जसविंदर सिंह धीमान के अलावा राजिंदर दीपा भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की ओर से जिलाध्यक्ष दामन बाजवा मुख्य दावेदार के रूप में सक्रिय हैं।
विज्ञापन
दामन बाजवा इससे पहले कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। शिरोमणि अकाली दल की ओर से हलका इंचार्ज विन्नरजीत सिंह गोल्डी क्षेत्र में सक्रिय हैं। हालांकि, संभावित भाजपा-अकाली गठबंधन के आधार पर अंतिम तस्वीर साफ होने की संभावना है। अकाली दल पुनर्सुरजीत की ओर से एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल का नाम भी आगे किया गया है।
विकास के दावे बनाम विपक्ष के आरोप
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा अपने कार्यकाल की उपलब्धियों में शहर की दो प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण, नए बस स्टैंड, ब्लड बैंक, अत्याधुनिक स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं, अंडरब्रिज, सड़कों और स्टेडियम निर्माण को प्रमुखता से गिना रहे हैं। उनका जोर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को चुनावी मुद्दा बनाने पर है।
वहीं कांग्रेस नेता जसविंदर सिंह धीमान का आरोप है कि सुनाम को इंडस्ट्री हब बनाने का वादा पूरा नहीं हुआ। उनका आरोप है कि क्षेत्र नशे का हब बन गया है और कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। विपक्षी नेता राजिंदर दीपा और भाजपा जिलाध्यक्ष दामन बाजवा भी जल निकासी, बेसहारा पशुओं, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दों, भ्रष्टाचार और धक्केशाही को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठा रहे हैं।
पिछले चुनाव में अमन अरोड़ा का दबदबा
2022 के विधानसभा चुनाव में आप के अमन अरोड़ा को 94,794 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के जसविंदर सिंह धीमान को 19,517 वोट मिले। 2017 में अमन अरोड़ा ने 72,815 वोट हासिल कर अकाली दल के गोविंद सिंह लोंगोवाल को हराया था। लोंगोवाल को 42,508 वोट मिले थे।
इससे पहले 2012 में अकाली दल के परमिंदर सिंह ढींडसा को 67,766 और कांग्रेस के अमन अरोड़ा को 63,112 वोट मिले थे। 2007 में अकाली दल के परमिंदर सिंह ढींडसा को 52,991 और कांग्रेस के अमन अरोड़ा को 42,659 वोट मिले थे।
लगातार दो चुनाव में बड़ी जीत के बाद अमन अरोड़ा के सामने अब तीसरी जीत की चुनौती है। वहीं विपक्ष नशा, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और स्थानीय समस्याओं को आधार बनाकर चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बनाने की कोशिश में जुटा है। ऐसे में 2027 के चुनाव में सुनाम में विकास के दावों और विपक्ष के उठाए गंभीर मुद्दों के बीच मतदाताओं का रुख निर्णायक रहेगा।