सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वारदात के पांच दिन बाद चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और जम्मू पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में जम्मू के जंगलों में छिपे दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार शूटरों में सनी मेहरा और आर्य शामिल हैं जबकि तीसरा आरोपी साहिल अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी तलाश में कई राज्यों में दबिश जारी है।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों के जम्मू-कश्मीर के राजोरी क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने करीब 15 किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया। कई घंटे तक चली घेराबंदी और तलाशी के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान किसी तरह की मुठभेड़ नहीं हुई।
शहर की सबसे व्यस्त मार्केट में दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब किया था और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। लगातार बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल डेटा और सिम कार्ड की जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
सिम कार्ड से मिला सुराग
जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी चंडीगढ़ से निकलकर पहले दिल्ली पहुंचे और फिर जम्मू-कश्मीर भाग गए। पुलिस को आरोपियों के इस्तेमाल किए गए एक सिम कार्ड से अहम तकनीकी सुराग मिला। इसी आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की गई और संयुक्त टीम राजोरी क्षेत्र तक पहुंची। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से खरड़ क्षेत्र में रह रहे थे और वहीं से अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहे थे।