भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालातों के दौरान शुक्रवार रात को तो फिरोजपुर के गांव खाईफेमीकी में पाकिस्तानी ड्रोन हमला हुआ था। गांव के एक घर पर दो ड्रोन हमले हुए थे। इन ड्रोन बम धमाकों से परिवार के तीन लोग जख्मी हुए थे। तीनों का लुधियाना में इलाज चल रहा है। हमले में घायल परिवार के लोगों का दर्द छलक पड़ा है। परिवार के लोगों के आंसू रुक नहीं रहे हैं।
ड्रोन हमले में जख्मी हुए लखविंदर सिंह, सुखविंदर कौर व मोनू के पारिवारिक सदस्यों ने कहा कि उन्हें हमले से जिंदगी भर का दुख मिला है, लेकिन जंग थमने से सबका भला है। खुशी की बात है कि दोनों देश के बीच युद्ध विराम के लिए राजी हो गए। इसमें दोनों मुल्कों का भला है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के ड्रोन हमले में इनका पूरा घर तबाह हो गया था। तीन लोग झुलस गए थे।
सोनू ने बताया कि जब ये हादसा हुआ था वह अमृतसर में था। उसे फोन पर पता चला कि घर पर ड्रोन गिर गया है। काफी नुकसान हुआ है। अमृतसर से ब्लैकआउट के चलते वह फिरोजपुर नहीं पहुंच सकता था। अपने पिता को सूचित किया तो वो लोग खाईफेमीकी पहुंचे और अपने रिश्तेदारों को अस्पताल में दाखिल कराया। सोनू ने कहा कि पाकिस्तान ने पंजाब को टारगेट बनाया था। पंजाब के बड़े-बड़े शहरों पर ड्रोन व मिसाइल हमले कर नुकसान पहुंचाने में जुटा था। ये कहर उनकी किस्मत में लिखा था... इसे सहेंगे।
बटाला कई गांवों के खेतों में मिले मिसाइल के टुकड़े
बटाला के आसपास के कई गांवों में किसी मिसाइल के टुकड़े मिलने से लोगों में दहशत फैल गई। शनिवार सुबह बटाला के गांव करनामा, जैतोसर्जा, कोटबख्ता व संगरावा में मिसाइल के टुकड़े मिले। जैतोसर्जा के किसान सतनाम सिंह ने बताया कि वह सुबह पशुओं के लिए चारा काट रहा था। इसी दौरान उसे खेत में मिसाइल का टूटा हिस्सा दिखा। उसने थाना रंगड नंगल की पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंच जांच शुरू की। इस संबंध में थाना रंगड नंगल के एसएचओ गगनदीप सिंह ने बताया कि विभिन्न गांवों से मिले टुकड़ों को जांच के लिए सेना के अधिकारियों को सौंप दिया है।
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