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35 हजार परिवारों का सपना होगा साकार: मिलेगा अपने घर का हक, चंडीगढ़ प्रशासन ने गृह मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव

Mon, 29 Jun 2026 03:09 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर धनास, मलोया, मौलीजागरां, रामदरबार, सेक्टर-38 वेस्ट, सेक्टर-49, 52, 56, बापूधाम, इंदिरा कॉलोनी, डड्डूमाजरा, विकास नगर, खुड्डा लाहौरा सहित शहर की पुनर्वास कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
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फासवेक की बैठक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ की पुनर्वास कॉलोनियों में रहने वाले करीब 35 हजार परिवारों को जल्द ही अपने मकानों का मालिकाना हक मिल सकता है। प्रशासन ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर गृह मंत्रालय को भेज दिया है। 

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उम्मीद है कि अगले 15 दिनों में केंद्र सरकार से मंजूरी मिल जाएगी। मंजूरी मिलते ही लाभार्थियों को कलेक्टर रेट का सिर्फ 5 प्रतिशत एकमुश्त (वन टाइम पेमेंट) जमा कर अपने फ्लैट का स्वामित्व मिल सकेगा। यह जानकारी डीसी निशांत कुमार यादव ने सेक्टर-36 स्थित फेडरेशन ऑफ सेक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (फॉसवेक) की कार्यकारिणी बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में दी। 

बैठक की अध्यक्षता फॉसवेक अध्यक्ष बलजिंदर सिंह बिट्टू ने की। इस दौरान शहर की विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे।
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प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर धनास, मलोया, मौलीजागरां, रामदरबार, सेक्टर-38 वेस्ट, सेक्टर-49, 52, 56, बापूधाम, इंदिरा कॉलोनी, डड्डूमाजरा, विकास नगर, खुड्डा लाहौरा सहित शहर की पुनर्वास कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्षों से मालिकाना हक का इंतजार कर रहे इन लोगों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है।

निशांत कुमार यादव ने यह भी बताया कि एस्टेट कार्यालय में अक्तूबर तक 6000 नोटिस थी उसे अब आधा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी नोटिस छह महीने से अधिक लंबित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि प्लॉटों का हर तीन महीनों के बाद नीलामी होता है। अभी एस्टेट कार्यालय के पास करीब 800 प्लॉट हैं। हर तीन महीनों में नीलामी करते हैं। सरकार को राजस्व आती है।

अवैध होटल-होम स्टे पर चलेगी बड़ी डिमोलिशन ड्राइव

शहर में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर फॉसवेक सदस्यों की चिंता के जवाब में डीसी ने कहा कि चंडीगढ़ की कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। इसे बहाल करने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में अवैध होटल और होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनके खिलाफ जल्द ही बड़े स्तर पर डिमोलिशन ड्राइव चलाई जाएगी। साथ ही सभी होटल संचालकों को मेहमानों का विवरण अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना होगा। दस्तावेजों की सत्यता जांचने के लिए औचक निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।

स्कूलों की पार्किंग व्यवस्था पर सख्ती, 79 निजी स्कूलों को नोटिस

डीसी ने कहा कि शहर के 79 निजी स्कूलों को परिसर में ही पार्किंग सुनिश्चित करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। नियमों के अनुसार स्कूल परिसर का 20 प्रतिशत हिस्सा पार्किंग के लिए आरक्षित होना चाहिए, लेकिन कई स्कूलों ने वहां कमरे और अन्य निर्माण कर दिए हैं। सबसे अधिक समस्या सेक्टर-26 में है, जहां एक ही लाइन में चार स्कूल होने से छुट्टी के समय भारी जाम लगता है। प्रशासन ने स्कूलों को छुट्टी के समय में बदलाव करने और परिसर के भीतर ही पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

अन्य प्रमुख घोषणाएं और फैसले

- डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड पर बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। इसके बाद भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी ताकि वहां दोबारा कूड़ा न फेंका जा सके।
-हर महीने आने वाले बिजली बिलों पर लोगों ने आपत्ति जताई। डीसी ने कहा कि इस मुद्दे पर सीपीडीएल से बातचीत की जाएगी। उन्होंने माना कि मासिक बिलिंग से लोगों को परेशानी हो रही है।
-डीसी ने एसआईआर अभियान में सभी आरडब्ल्यूए से बीएलओ का सहयोग करने की अपील की। शेयर वाइज संपत्ति का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है लेकिन अभी मंजूरी नहीं मिली है।
-बिटुमिन की कमी के कारण सड़क निर्माण कार्य प्रभावित है। डीसी ने कहा कि बारिश शुरू होने से इन कार्यों में करीब दो महीने और देरी हो सकती है।
- सेक्टर-21 में 15 जुलाई तक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाएगा। जेई के अवकाश पर होने से कार्रवाई में देरी हुई थी, अब दूसरे अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

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