भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने के बाद इसका असर अब पंजाब में देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान से लगती 532 किलोमीटर की पंजाब की सरहदों पर सेना एक्शन मोड में आ गई है। सरहदी जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पंजाब पुलिस के अधिकारियों और जवानों की छुट्टी रद्द कर दी गई है।
बुधवार देर शाम युद्ध की आशंका को देखते हुए राज्य के 20 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल हुई। इससे पहले पंजाब के अमृतसर और मोहाली स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 10 मई तक के लिए बंद कर दिया गया।
यह दोनों एयरपोर्ट अगले आदेश तक अब वायु सेना के अधिकार क्षेत्र में रहेंगे। उधर, करतारपुर कॉरिडोर को भी सुरक्षा कारणों से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया। सादकी, हुसैनीवाला और अटारी-वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी पर रोक लगा दी है।
राज्य के पांच सरहदी जिलों फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, गुरदासपुर और अमृतसर के बॉर्डर एरिया में पड़ने वाले स्कूल व कॉलेज अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।
जालंधर व अन्य जिलों में कई जगहों पर युद्ध की आशंका को देखते हुए राशन की दुकानों के बाहर लोग लाइन में लगे दिखे। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर राशनिंग किए जाने को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए गए है।
इधर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में एलओसी के पास स्थित गुरुद्वारा साहिब पर पाकिस्तान की ओर से बम हमले में एक रागी सिंह, भाई अमरीक सिंह, अमरजीत सिंह, रंजीत सिंह और रूबी कौर की मौत होने पर पाकिस्तान की कड़ी अलोचना की।
सरहदों की पहरेदारी बढ़ाने के आदेश
पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने बुधवार को सभी जिला पुलिस, एसएसपी और पुलिस कमिश्नर को अगले आदेश तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। डीजीपी ने कहा कि कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी बिना अपने अथॉरिटी के मंजूरी की छुट्टी पर नहीं जाएगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि केवल आपातकालीन स्थिति में संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के अथॉरिटी की ओर से ही छुट्टी मंजूर की जाएगी।