पंजाब में अब आधार कार्ड के बिना बोलीदाता फैंसी नंबरों के लिए बोली नहीं लगा सकेंगे। फैंसी नंबरों की नीलामी में धांधली खत्म करने के लिए परिवहन विभाग ने यह प्रावधान किया है।
नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने सॉफ्टवेयर भी अपडेट कर दिया है। इससे एजेंटों से छुटकारा मिलेगा और नीलामी में भी पारदर्शिता आएगी।
नीलामी के बाद अब 56 दिन में गाड़ी पर सफल बोलीदाताओं को नंबर लगाना होगा। अगर इस दौरान वे नंबर नहीं लगाते हैं तो नंबर का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा और जमा राशि को जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही संबंधित नंबर को दोबारा नीलामी में रख दिया जाएगा। इसी तरह एक बार में पांच से अधिक नंबरों के लिए बोली नहीं लगाई जा सकेगी।
विभाग यह प्रावधान भी जल्द ही लागू करेगा। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जरूरी बदलाव किए जा सकें।
पहले मोबाइल और ईमेल आईडी के माध्यम से लगती थी बोली
इससे पहले सिर्फ मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के माध्यम से ही बोलीदाता फैंसी नंबरों के लिए बोली लगा सकते थे, जिससे धांधली होने की संभावना बनी रहती थी।
इससे एक ही बोलीदाता अधिकतर नंबरों के लिए बोली लगा सकते थे और साथ ही कई बार फर्जी बोली लगाने के मामले भी सामने आए थे। इस कारण एक बार नीलामी पोर्टल बंद करने की नौबत भी आ गई है। यहां तक कि करोड़ों रुपये की बोली लगाकर बोलीदाता गायब हो गए थे, जिस कारण विभाग को राजस्व से हाथ धोना पड़ा था।
फैंसी नंबरों की नीलामी में एजेंटों का चल रहा था खेल
इसके अलावा फैंसी नंबरों की नीलामी में एजेंटों का खेल भी चल रहा था। एजेंट प्रमुख नंबरों के लिए बोली लगाकर खरीद लेते थे और आगे इन नंबरों को ऊंचे दामों पर बेचते थे। साथ ही काफी समय तक एजेंट नंबरों को होल्ड करके भी रखते थे, जिस कारण विभाग को राजस्व से हाथ धोना पड़ता थे।
लोगों को भी अपना पसंदीदा नंबर नहीं मिल पाता था और महंगे दाम पर उनको एजेंटों से खरीदना पड़ता था। इस प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए ही विभाग ने नीलामी के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया है। एजेंट फर्जी नंबरों और ईमेल आईडी का सहारा लेकर भी नीलामी में हिस्सा लेते थे। अब आधार कार्ड से इस प्रक्रिया पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। साथ ही एक बोलीदाता जितनी बार भी नीलामी में भाग लेगा, उसका पूरा रिकाॅर्ड विभाग के पास अपडेट रहेगा, जिसे जरूरत पड़ने पर विभाग चेक कर सकेगा।
फैंसी नंबरों के आरक्षित मूल्य में की थी बढ़ोतरी
पंजाब में विभाग ने इस साल आरक्षित मूल्य में कई गुना बढ़ोतरी की है। 0001 नंबर के लिए पांच लाख रुपये आरक्षित फीस तय की गई है। वर्ष 2020 के बाद यह आरक्षित फीस रिवाइज्ड की हुई है। तब 0001 की आरक्षित फीस 2.50 लाख रुपये थी। 0002, 0009 और 0786 के लिए दो लाख आरक्षित फीस तय की गई है। पहले वर्ष 2020 की अधिसूचना के अनुसार इन नंबरों की आरक्षित फीस 25 हजार थी। विभाग का प्रयास है कि नीलामी से सरकार को पूरा राजस्व मिलना चाहिए और इसे लेकर सभी स्तर पर सख्ती की जा रही है।