पंजाब सरकार ने अदालत को विश्वास दिलाया है कि वे हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करेंगे और शेष जमीन को जल्द से जल्द एनएचएआई को सौंप देंगे। इस मामले में अगली सुनवाई अब 11 जुलाई को होगी, जिसमें अनुपालन रिपोर्ट और स्थिति विवरण पेश किए जाएंगे।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद मालेरकोटला, संगरूर और फाजिल्का जिलों के डीसी अदालत में पेश हुए और बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के लिए अधिग्रहित की गई जमीन, जिसे लोगों ने फिर से अपने कब्जे में ले लिया था, अब दोबारा एनएचएआई को सौंप दी गई है।
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मालेरकोटला के डिप्टी कमिश्नर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अदालत को अवगत कराया कि पुलिस की मदद से मंगलवार को उक्त जमीन पर दोबारा एनएचएआई का कब्जा दिलाया गया है और निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। इसी तरह, संगरूर के डीसी और एसएसपी ने भी अदालत को जानकारी दी कि उनके जिले में संबंधित जमीन का कब्जा एनएचएआई को लौटा दिया गया है और वहां पर स्थायी पुलिस सुरक्षा भी तैनात कर दी गई है, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
फाजिल्का जिले में भी हाईकोर्ट की ओर से मामले का संज्ञान लिए जाने के तुरंत बाद एसएसपी ने हलफनामा दाखिल किया है, जिसमें बताया गया कि 1.77 किलोमीटर लंबी जमीन दोबारा एनएचएआई को सौंप दी गई है और विकास कार्यों के लिए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिया गया है। हालांकि अब भी लगभग 16 किलोमीटर जमीन ऐसी है, जिसे एनएचएआई को सौंपा जाना बाकी है।
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पंजाब सरकार ने अदालत को विश्वास दिलाया है कि वे हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करेंगे और शेष जमीन को जल्द से जल्द एनएचएआई को सौंप देंगे। इस मामले में अगली सुनवाई अब 11 जुलाई को होगी, जिसमें अनुपालन रिपोर्ट और स्थिति विवरण पेश किए जाएंगे।