पंजाब में नशे के खिलाफ भाजपा की ओर से शुरू की गई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ सोमवार को फतेहगढ़ साहिब और मोहाली पहुंची। फतेहगढ़ साहिब में यात्रा की शुरुआत गुरुद्वारा हंसाली साहिब में अरदास के साथ हुई। इसके बाद राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने यात्रा को रवाना किया। दोनों नेताओं ने अलग-अलग जनसभाओं में नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।
पूर्व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि पंजाब के गांवों और शहरों में नशे का जाल लगातार फैल रहा है। उनके अनुसार, राज्य में लगातार सत्ता में रही सरकारें इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या तब तक समाप्त नहीं हो सकती, जब तक इसके पीछे सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर तीन वर्षों के भीतर नशे की समस्या को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
सांसद सतनाम सिंह संधू ने नशे की समस्या को नाको-टेररिज्म से जोड़ते हुए कहा कि पंजाब में इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ‘डबल इंजन’ सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, राष्ट्रीय ड्रग डिपेंडेंस एंड ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीटीसी) और एम्स के सहयोग से किए गए ‘मैग्नीट्यूड ऑफ सब्सटेंस एब्यूज इन इंडिया’ राष्ट्रीय सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में 10 से 17 वर्ष की आयु के लगभग 6.25 लाख नाबालिग बच्चे नशीले पदार्थों की लत से प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में वयस्क नशीले पदार्थों के उपयोगकर्ताओं की संख्या 63.60 लाख से अधिक है।
संधू के मुताबिक, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में अब तक 10.63 लाख से अधिक मरीजों का पंजीकरण और उपचार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या को राज्य में बढ़ती गैंगस्टर और आतंकवादी गतिविधियों से भी जोड़कर देखा जाना चाहिए।
117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेगी यात्रा
भाजपा का यह अभियान 13 दिवसीय राज्यव्यापी नशा विरोधी अभियान का हिस्सा है। इसकी शुरुआत 18 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पठानकोट से की थी। अभियान के तहत चार यात्राएं पंजाब के विभिन्न हिस्सों में करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेंगी। 30 सितंबर को जालंधर में अभियान का समापन होगा।
फतेहगढ़ साहिब से रवाना हुई यात्रा बसी पठाना और चुन्नी कलां होते हुए फतेहगढ़ साहिब पहुंची। इसके बाद यह मोहाली जिले के लालड़ू, डेराबस्सी और जीरकपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरी। इस दौरान जनसभाएं कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। नेताओं ने नशे से प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। फतेहगढ़ साहिब और मोहाली जिलों में यात्रा ने करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय की।
संधू ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए तीन वर्ष की समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसमें प्रवर्तन, सिंथेटिक एवं रासायनिक नशीले पदार्थों पर नियंत्रण, नशे की मांग में कमी, नुकसान कम करने के उपाय, क्षमता निर्माण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे पहलू शामिल हैं।