सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड) के तहत निधि जारी करने में पंजाब के सांसदों के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।
फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने 9.80 करोड़ में से 6.29 करोड़ रुपये (64%) जारी किए हैं। अब तक 2.52 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और 84.90 लाख रुपये के कार्य पूरे हुए हैं। रोचक बात यह है कि अमर सिंह ने अपने क्षेत्र से अधिक कार्य लुधियाना संसदीय क्षेत्र में कराए हैं, जहां से पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग सांसद हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, उनकी 180 सिफारिशों में से लगभग 115 कार्य लुधियाना क्षेत्र से जुड़े हैं। कुछ कार्य मलेरकोटला में भी कराए गए हैं।
अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने 6.53 करोड़ रुपये (66%) के विकास कार्यों की सिफारिश की है। इनमें से 3.44 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और 66.71 लाख रुपये के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। औजला ने अधिकांश कार्य अपने संसदीय क्षेत्र अमृतसर में ही कराए हैं।
अन्य सांसदों में गुरदासपुर से सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 87%, होशियारपुर से राज कुमार चब्बेवाल ने 97%, फिरोजपुर से शेर सिंह घुबाया ने 98%, संगरूर से गुरमीत सिंह मीत हेयर ने 80%, पटियाला से धर्मवीर गांधी ने 89%, आनंदपुर साहिब से मालविंदर सिंह कंग ने 86%, खडूर साहिब से सरबजीत सिंह खालसा ने 93% और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 83% राशि की सिफारिश की है। आंकड़े बताते हैं कि सांसद निधि के उपयोग में पारदर्शिता और गति दोनों ही सवालों के घेरे में हैं। अब निगाह इस पर रहेगी कि शेष राशि कब तक विकास कार्यों में बदलती है।