15 साल की छात्रा दो दिन पहले थाना नथाना से कुछ कदमों दूरी पर बने सरकारी स्कूल के बाहर खड़ी थी। एक गाड़ी में पांच युवक आए और उसे गाड़ी में अगवा करके ले गए। सूत्रों ने बताया कि जब उस दिन छात्रा अपने घर नहीं पहुंची तो उसके परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की।
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बठिंडा के थाना नथाना से कुछ कदमों दूरी पर बने सरकारी स्कूल के बाहर से एक नाबालिग छात्रा को अज्ञात गाड़ी सवार अगवा कर ले गए। पुलिस को दो दिन तक भनक नहीं लगी। परिजनों ने संबंधित थाना नथाना पुलिस को बताया तो उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई।
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जब दो दिन बाद छात्रा मिली तो उसकी मानसिक हालत बिगड़ी हुई थी। उसके परिजन उसे सिविल अस्पताल नथाना में ले गए जहां से डाक्टरों की टीम ने छात्रा को सरकारी अस्पताल बठिंडा रेफर कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि 15 साल की छात्रा दो दिन पहले थाना नथाना से कुछ कदमों दूरी पर बने सरकारी स्कूल के बाहर खड़ी थी। एक गाड़ी में पांच युवक आए और उसे गाड़ी में अगवा करके ले गए। सूत्रों ने बताया कि जब उस दिन छात्रा अपने घर नहीं पहुंची तो उसके परिजनों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की। इसके बाद थाना नथाना पुलिस को सूचित किया गया लेकिन पुलिस ने परिवार की कोई सुनवाई नहीं की।
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दो दिन बाद लड़की बठिंडा से बरामद हुई तो परिवार वाले उसे सिविल अस्पताल नथाना लेकर पहुंचे। महिला डाक्टर समेत अन्य डाक्टरों ने छात्रा की पूरी जांच की और उसके बाद पुलिस को सूचना पत्र भेजा।
चिल्लाती है छात्रा
सिविल अस्पताल नथाना में दाखिल छात्रा जब अपने बेड पर थी तो वह बहुत तेज तेज चीखें मार रही थी। उसकी मानसिक हालत को देखते हुए उसे नथाना से सिविल अस्पताल बठिंडा के लिए रैफर कर दिया।
जब से छात्रा परिजनों को मिली है, तब से उसकी मां उसे बुलाती है, लेकिन छात्रा कुछ बोलती नहीं है। जब भी वो आंख खोलती है तो तेज चीखें मारने लगती है। परिजनों का अपनी बेटी को देखकर रो रो कर बुरा हाल हो रहा है।