पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। पंजाब सरकार ने विदेश मंत्रालय के फैसले को चुनौती देते हुए आरोप लगाया है कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद यात्रा की अनुमति बिना कोई कारण बताए खारिज कर दी गई। मामले की तात्कालिकता को देखते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से शुक्रवार सुबह तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
पंजाब सरकार की याचिका के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था। प्रतिनिधिमंडल को पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार मेले एसआईएएल पेरिस-2026 में हिस्सा लेना था। यह प्रदर्शनी 17 से 21 अक्टूबर तक निर्धारित थी। यात्रा का उद्देश्य पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार की संभावनाएं तलाशना था।
सितंबर में भेजे थे मंजूरी के लिए पत्र
राज्य सरकार ने याचिका में बताया कि विदेश मंत्रालय को राजनीतिक मंजूरी के लिए तीन और आठ सितंबर को पत्र भेजे गए थे। इसके अलावा नौ सितंबर को ऑनलाइन आवेदन भी जमा कराया गया था। सरकार के अनुसार, यात्रा से करीब पांच सप्ताह पहले ही मंजूरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। फ्रांस स्थित भारतीय मिशन से परामर्श के साथ प्रशासनिक स्वीकृति और कैडर क्लीयरेंस की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी।