पंजाब सरकार ने पिछले दिनों महिलाओं को एक हजार रुपये प्रति माह रुपये देने के लिए मांवा-धीयां दा सत्कार योजना लागू की है। दावा है कि सूबे की 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी।
महिलाओं की घिसी अंगुलियां उनकी कड़ी मेहनत और कठोर कामकाज की स्थिति बयां करने के लिए काफी हैं। जानकारी के अनुसार जो महिलाएं बैंक में पहुंच रही हैं, उनमें से बहुत सी जरूरतमंद महिलाओं की अंगुलियों की लकीरें इसलिए मद्धम पड़ गई हैं, क्योंकि वे रोजाना या तो गोया (गोबर) थापती हैं, चारा काटती हैं या फिर घरों में बर्तन साफ करने का काम करती हैं। इस वजह से उनकी
महिलाओं का यह दुखड़ा सूबे के सीएम भगवंत मान तक भी पहुंच चुका है, जिसे लेकर वे भावुक और व्यथित हैं। उन्होंने इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ के आला अफसरों से विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करवाने के निर्देश दिए हैं। सीएम मान कहते हैं कि वे चाहते हैं कि हर जरूरतमंद महिला को इस योजना का लाभ मिले। अंगुलियों के निशान इस योजना में आड़े नहीं आ सकते, इसलिए बैंकों के अधिकारियों से बात करें और इसका हल निकलवाएंगे।
सरकार की मावां-धीयां दा सत्कार योजना के तहत प्रदेश की सभी महिलाओं (सरकारी कर्मी या पेंशनर्स को छोड़कर) को प्रति माह 1000 रुपये दिए जाने हैं। यह रुपया सीधा खाते में आएगा। बैसाखी के दिन यानी 13 अप्रैल को इसके लिए पंजीकरण शुरू हो जाएगा। यह लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा, जो पंजाब की वोटर हैं।