विधायक परगट सिंह के साथ सरबजीत सिंह।
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कूरियर कंपनी में काम का दिया झांसा
यह खुलासा वॉर जोन से सुरक्षित लौटे अमृतसर के सरबजीत ने किया। सरबजीत विधायक परगट सिंह के साथ चंडीगढ़ पहुंचे हुए थे। इनके साथ कुछ अन्य लोग भी थे, जो रूस गए अपने परिजनों को वापस लाने के लिए महीनों से धक्के खा रहे हैं। सरबजीत ने बताया कि साल 2024 में उनके साथ 18 भारतीय युवाओं को भारतीय एजेंटों ने रूसी एजेंटों को सौंपा था। उनसे कहा गया था कि उन्हें रूस में कूरियर कंपनी में काम दिलवाया जाएगा। रूस पहुंचने के बाद चार दिन तो उन्हें एक कमरे में रखा और विभिन्न शहरों की सैर करवाई। बाद में उन्हें रूसी सेना के हवाले कर दिया गया। बड़ी मुश्किल वह जिंदा वापस लौटा। उसके कई साथी भी मर चुके हैं।
बुजुर्गों को भी युद्ध में धकेला
सरबजीत ने बताया कि एजेंटों द्वारा हरियाणा व पंजाब के युवाओं को इस काम के लिए ज्यादा फंसाया जा रहा है। रूस में बताया जाता है कि इन दोनों राज्यों के युवक युद्ध के मामलों में न पीछे हटते हैं न ही डरते हैं। 60 साल के बुजुर्गों और दिव्यांगों को भी जबरन युद्ध में धकेला जा रहा है। विधायक परगट सिंह कहते हैं कि पीड़ितों की मदद के लिए वे केंद्र सरकार से बात करेंगे।