पांच साल में पंजाब में खाद्य पदार्थों के लिए गए सैंपलों में 16.67 फीसदी जांच में फेल हुए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 32928 सैंपल लिए गए। इनमें 5491 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।
पंजाब में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल बड़े स्तर पर चल रहा है। खासकर दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
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दूसरे राज्यों से घटिया गुणवत्ता वाला पनीर और दूध से बने अन्य उत्पाद भी पंजाब पहुंच रहे हैं। पनीर में खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
पांच साल में पंजाब में खाद्य पदार्थों के लिए गए सैंपलों में 16.67 फीसदी जांच में फेल हुए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 32928 सैंपल लिए गए। इनमें 5491 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।
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रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025-26 में 7809 सैंपल लिए गए। इनमें 1031 सैंपल फेल हुए। इस दौरान 723 मामलों में जुर्माना लगाया गया जबकि 25 मामलों में सजा हुई। वर्ष 2024-25 में 4131 सैंपल लिए गए जिनमें 748 मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 333 मामलों में जुर्माना लगाया गया और आठ मामलों में सजा हुई।
वर्ष 2023-24 में 6041 सैंपल लिए गए थे। इनमें 929 सैंपल फेल हुए। वर्ष 2022-23 में 8179 सैंपलों में से 1724 मानकों पर खरे नहीं उतरे। इससे साफ है कि खाद्य पदार्थों की जांच बढ़ने के साथ मिलावट के मामले भी सामने आ रहे हैं।
पनीर में सबसे ज्यादा मिलावट
पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाए गए। इनमें पनीर और देसी घी की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। पिछले साल जारी आंकड़ों के अनुसार पनीर के 2340 सैंपल लिए गए थे। इनमें 1027 सैंपल फेल पाए गए। यानी करीब 43 फीसदी पनीर के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 7.09 फीसदी सैंपल सेहत के लिए असुरक्षित पाए गए। जांच में खतरनाक रसायन के इस्तेमाल का मामला भी सामने आया। विभाग की ओर से 589 मामले दर्ज किए गए।
देसी घी के 1160 सैंपल लिए गए थे। इनमें 183 सैंपल फेल हुए जबकि 9.83 फीसदी सैंपल असुरक्षित पाए गए। इस मामले में 73 केस दर्ज किए गए।
दूध की स्थिति भी चिंताजनक है। पिछले तीन साल में दूध के 2559 सैंपल लिए गए। इनमें 700 सैंपल फेल हुए जबकि 11 सैंपल सेहत के लिए खतरनाक पाए गए। विभाग की ओर से 467 मामले दर्ज किए गए।
त्योहारी सीजन में बढ़ जाती है चुनौती
त्योहारी सीजन में दूध, पनीर, खोया, देसी घी और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें अलग-अलग जिलों में जांच अभियान चला रही हैं। हाल के दिनों में बठिंडा, जालंधर, कपूरथला, अमृतसर और फिरोजपुर समेत कई जिलों में कार्रवाई की गई है।
जालंधर में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में पनीर जब्त किया गया। अमृतसर में मजीठा क्षेत्र की दो डेयरियों से करीब 70 किलो पनीर जब्त किया गया। फिरोजपुर के जीरा, मक्खू और मल्लांवाला में करीब 140 किलो संदिग्ध पनीर मिला। बठिंडा में करीब 50 किलो मिठाई नष्ट कराई गई। कपूरथला में मिठाई दुकानों और बेकरी यूनिटों की जांच की गई।
फूड सेफ्टी ऑन व्हील से मौके पर जांच
खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए विभाग की ओर से फूड सेफ्टी ऑन व्हील का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन मोबाइल टेस्टिंग वैन में दूध, पनीर, पानी और रोजाना इस्तेमाल होने वाली अन्य खाद्य वस्तुओं की जांच की सुविधा है। लोग खुद भी इन वैन में खाद्य पदार्थों की जांच करवा सकते हैं। एफएसएसएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से भी खाद्य पदार्थों की नियमित निगरानी और जांच की जाती है।
बठिंडा में 50 किलो मिठाई नष्ट, नौ दुकानदारों को नोटिस
त्योहारों और बदलते मौसम को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बठिंडा में विशेष जांच अभियान चलाया। सहायक कमिश्नर फूड सेफ्टी अमृतपाल सिंह सोढ़ी की अगुवाई में टीम ने शहर के अलावा नथाना, मौड़ और गोइंदवाला ब्लॉक में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की।
टीम ने कुल 15 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। नियमों में कमियां मिलने पर नौ प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए जबकि एक प्रतिष्ठान के खिलाफ हाइजीन संबंधी चालान किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 50 किलो मिठाई नष्ट कराई गई।
जालंधर में चार क्विंटल पनीर जब्त
जालंधर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए चार क्विंटल पनीर जब्त किया। टीम ने नाकाबंदी के दौरान वाहनों की जांच की और दो अलग-अलग स्थानों से पनीर बरामद किया। इसके सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इसके अलावा फूड सेफ्टी विंग ने किशनपुरा, रामा मंडी और जालंधर छावनी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 75 किलो पनीर सीज किया।
कपूरथला में मिठाई दुकानों और बेकरी की जांच
फूड सेफ्टी विंग कपूरथला की ओर से मिठाई दुकानों और बेकरी यूनिटों की विशेष जांच की जा रही है। कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमलप्रीत कौर बराड़, डिप्टी कमिश्नर कपूरथला आकाश बांसल और सिविल सर्जन डॉ. राजीव पराशर के दिशा-निर्देशों पर सहायक कमिश्नर फूड हरजोत पाल सिंह की निगरानी में अभियान चलाया गया। फगवाड़ा क्षेत्र में पांच प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें तीन मिठाई की दुकानें और दो बेकरी यूनिट शामिल थीं। अस्वच्छ हालात मिलने पर एक चालान किया गया जबकि नियमों में कमियों को लेकर दो नोटिस जारी किए गए।
त्योहारों से पहले मिलावट के खिलाफ सख्ती
त्योहारी सीजन से पहले खाद्य सुरक्षा टीम ने मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए जांच अभियान तेज कर दिया है। टीम सब्जी मंडियों, कन्फेक्शनरी यूनिटों और खान-पान की दुकानों की जांच कर रही है।
हाल ही में मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त होने के संदेह में 35 किलो पनीर मौके पर ही नष्ट कराया गया। टीम ने सब्जी मंडी से पपीते का एक सैंपल लिया। हीरो बेकरी चौक और अब्दुल्ला बस्ती की दुकानों से तैयार चिकन और पैटीज के सैंपल लिए गए। बहादुरके रोड सब्जी मंडी से पनीर के दो सैंपल भी लिए गए। सभी सैंपल अधिकृत फूड टेस्टिंग लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
अमृतसर में सितंबर में 70 किलो पनीर जब्त
त्योहारी सीजन से पहले अमृतसर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध और दूध से बने उत्पादों की जांच तेज कर दी है। सितंबर के शुरुआती दिनों में टीम ने दूध और पनीर समेत अन्य दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए।
मजीठा क्षेत्र में दो डेयरियों से करीब 70 किलो पनीर जब्त किया गया। दोनों डेयरियों से लिए गए दो सैंपल जांच के लिए स्टेट फूड लैब खरड़ भेजे गए हैं। जिला सेहत अफसर डॉ. मंजीत सिंह अटवाल के अनुसार तीन सितंबर को छेहरटा और ग्वाल मंडी क्षेत्र में कार्रवाई कर दूध-पनीर के पांच सैंपल लिए गए। इनमें पनीर के तीन और दूध के दो सैंपल शामिल थे। वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नहीं होने वाले कारोबारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए।
जीरा-मक्खू-मल्लांवाला में 140 किलो संदिग्ध पनीर जब्त
फूड सेफ्टी विभाग ने जीरा, मक्खू और मल्लांवाला में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर जांच अभियान चलाया। इस दौरान करीब 140 किलो संदिग्ध पनीर बरामद हुआ। बाजार में इसकी कीमत करीब 260 रुपये प्रति किलो बताई गई।
टीम ने पनीर का मौके पर सैंपल लिया। बाकी पनीर को कानूनी कार्रवाई पूरी होने तक डीप फ्रीजर में रखकर सीज कर दिया गया। सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर अभिनव कुमार के अनुसार मक्खू और जीरा में दुकानों की जांच की गई। इनमें तीन बेकरी और दो मिठाई की दुकानें शामिल थीं।
150 से अधिक मानकों पर जांच की सुविधा
मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन में दूध, पनीर, मसालों और रोजाना इस्तेमाल होने वाली अन्य वस्तुओं की 150 से अधिक मानकों पर जांच की सुविधा है। यह वैन खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान का महत्वपूर्ण साधन हैं। लोगों को खाद्य पदार्थों की जांच जरूर करवानी चाहिए ताकि मिलावट का पता लगाया जा सके। सरकार भी खाद्य पदार्थों में मिलावट का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चला रही है। -डॉ. बलबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब