सुनाम विधानसभा क्षेत्र के अधीन आती नगर कौंसिल लोंगोवाल की अध्यक्ष परमिंदर कौर बराड़ अपने पति कमल सिंह बराड़ और बड़ी संख्या में साथियों समेत शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में शामिल हो गई हैं। हालांकि आप की तरफ से उन्हें पहले ही पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के गृह क्षेत्र सुनाम में पार्टी को तगड़ा सियासी झटका लगा है। सुनाम विधानसभा क्षेत्र के अधीन आती नगर कौंसिल लोंगोवाल की अध्यक्ष परमिंदर कौर बराड़ अपने पति कमल सिंह बराड़ और बड़ी संख्या में साथियों समेत शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में शामिल हो गई हैं। रविवार को लोंगोवाल पहुंचे शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बराड़ परिवार को पार्टी का सिरोपा भेंट कर औपचारिक रूप से दल में शामिल करवाया। इस फेरबदल को हलका प्रभारी विन्नरजीत सिंह गोल्डी की बड़ी रणनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है।
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सत्ता के गढ़ में सेंधमारी
सुखबीर बादल ने इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'आप' की नींव अब डगमगा चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "पार्टी के पतन का इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि उनके अपने गढ़ में संस्थापक सदस्य और पद पर बैठे लोग साथ छोड़ रहे हैं। पंजाब की जनता अब इस सरकार के खोखले वादों से ऊब चुकी है।"
हलका प्रभारी गोल्डी की रही मुख्य भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अकाली दल के हलका प्रभारी विन्नरजीत सिंह गोल्डी के प्रयासों की सराहना की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले लोंगोवाल की अध्यक्ष का अकाली दल में जाना क्षेत्र के समीकरण बदल सकता है। अकाली दल में शामिल होने के बाद परमिंदर कौर बराड़ और कमल सिंह बराड़ ने कहा कि वे पार्टी की नीतियों और मौजूदा कार्यप्रणाली से असंतुष्ट थे। जबकि शिरोमणि अकाली दल ही पंजाब के हितों की रक्षा करने वाली एकमात्र पार्टी है।