शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने 21 जनवरी को एक बार फिर दिल्ली कूच का एलान कर दिया है। किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने वीरवार को शंभू बॉर्डर पर पत्रकार वार्ता में बताया कि पहले की तरह 101 किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना होगा। किसानों का मार्च शांतिपूर्ण रहेगा।
इस दौरान हरियाणा पुलिस के किसी भी एक्शन का जवाब सब्र से दिया जाएगा। पंधेर ने कहा कि किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा (भारत) और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की ओर से शंभू, खनौरी और रतनपुरा (राजस्थान) बॉर्डर पर पिछले 11 महीनों से फसलों की खरीद पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों-मजदूरों के कर्ज माफी समेत 12 मांगों को लागू करवाने के लिए संघर्ष जारी है। जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन पर हैं। अब 111 किसान भी अनशन पर बैठ चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार हमारी मांगों के प्रति उदासीनता बरत रही है। आंदोलनकारी संगठनों के साथ कोई बातचीत नहीं की जा रही है। इसलिए मजबूर होकर किसानों को एक बार फिर से दिल्ली कूच का फैसला लेना पड़ा है।
पंधेर ने बताया कि 21 जनवरी को दिल्ली कूच करने वाले जत्थे का नेतृत्व मनजीत सिंह राय (बीकेयू दोआबा प्रदेश अध्यक्ष) और बलवंत सिंह बहिरामके (बीकेयू प्रदेश अध्यक्ष) करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले किसानों की ओर से छह, आठ और फिर 14 दिसंबर को दिल्ली कूच की कोशिश की गई थी। पंधेर ने कहा कि पिछले जत्थों के किसानों और मजदूरों पर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई निंदनीय है। इस बार भी शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा जाएगा।
पीएम सुरक्षा चूक मामले में किसानों पर मुकदमे दर्ज करना अनुचित: पंधेर
पंधेर ने कहा कि 5 जनवरी, 2022 को फिरोजपुर में प्रधानमंत्री मोदी की रैली रद्द होने पर किसानों पर दर्ज की गई जीरो एफआईआर और अब पंजाब सरकार की ओर से धारा 307 के तहत मुकदमे दर्ज करना अनुचित है। अगर ऐसी कार्रवाई किसी भी किसान के खिलाफ होती है, तो संगठन कड़ा विरोध करेगा। पंधेर ने कहा कि 5 जनवरी, 2022 को पीएम नरेंद्र मोदी हवाई रास्ते से आ रहे थे, लेकिन अचानक उनका रूट बदल दिया गया और वह सड़क मार्ग से आ गए। पीएम का काफिला करीब 20 मिनट के लिए रुका था। इस दौरान किसानों ने पीएम का केवल विरोध किया था। तत्कालीन चन्नी सरकार ने भी बयान दिया था कि किसानों का मकसद पीएम को नुकसान पहुंचाने का नहीं था।