मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा की तरफ से गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभर में केंद्र के खिलाफ ट्रैक्टर मार्च निकाला जा रहा है। पंजाब के बठिंडा और सुनाम में बड़ी संख्या में किसान अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतर आए हैं। वहीं मोगा में भी किसान ट्रैक्टर मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
अमृतसर के भाजपा नेता तरुणजीत सिंह संधू के घर के सामने सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर पहुंचे हैं। इस ट्रैक्टर मार्च में किसान नेता सरवण सिंह पंधेर भी शामिल हुए। पंधेर ने किसानों को संबोधित भी किया। इसके अलावा किसानों ने अमृतसर शहर में कई मॉल के सामने ट्रैक्टर मार्च निकाला और केंद्र सरकार को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए मांग की। पंधेर ने कहा कि यह ट्रैक्टर मार्च पूरे देश में निकाला गया है। अमृतसर में हमने बड़े सेलर्स, भाजपा नेताओं के घर, बड़े शॉपिंग मॉल्स के सामने से ट्रैक्टर मार्च निकाला और केंद्र सरकार से किसानों की सभी मांगों को पूरा करने की अपील की गई है।
बठिंडा में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर मार्च निकालने के लिए घनैया चौक पर अपने ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे हुए हैं। यहां ट्रैक्टरों की लंबी कतार लगी हुई है। सुनाम में निकाले गए ट्रैक्टर मार्च में संयुक्त मोर्चा के सभी किसान संगठन शामिल हुए। किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार उसी काले कानून को लागू करने जा रही है जिसे किसानों ने बड़ी लड़ाई के बाद खारिज करवाया था। अब केंद्र सरकार खेती की बाजार व्यवस्था को खत्म करने के लिए इसे लागू कर रही है। किसानों ने कहा कि मौजूदा मंडी व्यवस्था बहुत अच्छी है, लेकिन इसमें कुछ कमियां हैं जिन्हें दूर कर लिया जाए तो बेहतर होगा। साथ ही किसान नेताओं ने कहा कि भविष्य में संघर्ष तेज किया जाएगा। चाहे राज्य सरकार हो या केंद्र, किसानों की जमीनें हड़प कर बड़ी कंपनियों को देना चाहती है। जो खुलेआम किसानों के साथ धक्का कर रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के महासचिव राम सरन सिंह उगराहां, मनी सिंह भैणी, पाल सिंह डोलेवाल, यादविंदर सिंह चट्ठा आदि नेता मौजूद रहे।
इससे पहले किसान नेता तेजवीर सिंह ने बताया कि पंजाब में करीब 200 जगहों पर ट्रैक्टर मार्च होगा। हर जगह करीब 150 ट्रैक्टर सड़कों पर उतारे जाएंगे। वहीं रविवार को 62वें दिन किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन जारी है।
किसान नेताओं ने बताया कि रविवार को दोपहर 12 से 1.30 बजे तक देशभर के किसानों के ट्रैक्टर सड़कों पर निकले। पंजाब में बड़ी गिनती में किसान इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। किसान नेताओं अभिमन्यु कोहाड़, काका सिंह कोटड़ा ने बताया कि कुछ जगहों पर प्रशासन रविवार के कार्यक्रम से पहले तानाशाही करने का प्रयास कर रहा है जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। किसान नेताओं ने बताया कि पिछले 77 सालों में सरकारों ने संविधान की भावना (जनता के लिए, जनता के द्वारा) के अनुसार कार्य नहीं किया और इसी कारण आज देश के किसानों की इतनी बदतर हालत है।
सरकारों ने किसान हितों पर ध्यान देने के बजाय हमेशा कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देश में किसानों की अनदेखी बंद की जाए और एमएसपी गारंटी कानून बनाकर किसानों की आत्महत्याएं रोकी जाएं। किसान नेताओं ने साफ किया कि बाॅर्डरों पर आंदोलन जारी रहेगा। ट्रैक्टर मार्च के बाद 13 फरवरी को आंदोलन का एक साल पूरा होने पर बार्डरों पर बड़े इकट्ठ होंगे। इस मौके पर देश भर से किसान नेता बार्डरों पर बुलाए जाएंगे, जो किसानों को संबोधित करेंगे। साथ ही आगे की रणनीति पर भी विचार होगा।
अबोहर में ट्रैक्टर और बाइक पर निकले किसान
अपनी मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर अबोहर में अनेक किसान संगठनों ने रविवार 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकाला। इस ट्रैक्टर मार्च में विभिन्न गांवों से सैकड़ों किसान, मजदूर, कर्मचारी, नौजवान शामिल हुए। वहीं कुछ नौजवान मोटरसाइकिलों पर भी सवार थे। किसानों ने मांग की सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान जो मांगें मानी थी, उन सभी मांगों को लागू किया जाए। ट्रैक्टर मार्च के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज कर दिया जाएगा। इसके अलावा किसान नेताओं ने कहा कि सरकार शंभू व खनौरी बॉर्डर पर संघर्ष कर रहे संगठनों से बात करें। इस अवसर पर किसान नेता मेजर सिंह, गुरमेल सिंह, गगन, गुरसेवक सिंह, बघेल सिंह, सोहन सिंह, रत्नदीप, अमरजीत सिंह, मोहन सिंह, जगनंदन सिंह, कुलदीप सिंह, गुरजंट सिंह, सुखवंत सिंह, बलवीर सिंह आदि उपस्थित थे।