हरसिमरत ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री पंजाब से नशे का खात्मा करेंगे, लेकिन यह उम्मीद गलत साबित हुई। आज प्रदेश में नशे का कारोबार और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है। नशे के कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर मानसा में चल रहे धरने में बठिंडा से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पंजाब उनके साथ खड़ा है। उन्होंने पंजाब में बढ़ते नशे, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाए और सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
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उन्होंने मोहनजीत के साथ कथित तौर पर किए गए अत्याचार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के सामने आवाज उठाने के बाद उसके साथ बिजली का करंट लगाकर ज्यादती की गई। उन्होंने कहा कि इसी तरह वित्त मंत्री के सामने एक व्यक्ति ने अपने बेटे को चिट्टे से बचाने और नशे की बिक्री रोकने की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने उसके साथ कथित तौर पर बुरी तरह अत्याचार किया। उन्होंने इन घटनाओं को पंजाब में बिगड़ती स्थिति से जोड़ते हुए झोटा के मामले में भी सरकार को घेरा।
हथियार लाइसेंस जारी करने पर उठाए सवाल
हरसिमरत ने मुख्य आरोपी के हथियार लाइसेंस को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि उसका लाइसेंस पहले रद्द हो चुका था, वह जेल में रह चुका था और उसके ठिकानों पर कई बार छापेमारी हुई थी, तो 2024 में उसे दो हथियारों के लाइसेंस कैसे जारी किए गए? उन्होंने कहा कि आम लोगों को लाइसेंस मिलने में मुश्किलें आती हैं, जबकि ऐसे व्यक्ति को पांच साल के लिए हथियारों के लाइसेंस मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर, एसएसपी और डीएसपी की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए पूछा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अब तक निलंबन की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
हरसिमरत ने मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पंजाब में इतने गंभीर हालात हैं, तो मुख्यमंत्री दिल्ली में क्यों बैठे हैं और विदेश जाने की तैयारी क्यों कर रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में राजनीतिक लोगों, पुलिस और प्रशासन के बीच एक बड़ा गठजोड़ काम कर रहा है, जो पंजाब की जवानी को नशे की भेंट चढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि झोटा के परिवार और उनके छोटे-छोटे बच्चों का दुख देखा नहीं जाता। पंजाब की मौजूदा स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने पंजाब सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।
जत्थेदार गड़गज्ज ने नशे की सप्लाई पर सरकार को घेरा
डीसी कार्यालय के बाहर चल रहे धरने में जत्थेदार कुलविंदर सिंह गड़गज्ज पहुंचे। उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की सप्लाई बंद होने का नाम नहीं ले रही है, जबकि सरकार के कार्यकाल के आखिरी महीनों में मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की जा रही है।
गड़गज्ज ने कहा कि पंजाब के युवाओं को किसी भी कीमत पर मरने नहीं दिया जाएगा। उनके अनुसार, राज्य के युवा दो तरह से अपनी जान गंवा रहे हैं। कुछ की मौत नशे की ओवरडोज से हो रही है, जबकि कई युवा नशे से जुड़ी अन्य समस्याओं के कारण प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशा गैरकानूनी है। इस समस्या को रोकने के लिए सरकारों की ओर से ठोस कार्रवाई किए जाने की जरूरत है।
जत्थेदार गड़गज्ज ने सरकारों को अपनी कार्यशैली में सुधार करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि झोटा के मामले में परिवार और इंसाफ कमेटी आगे जो भी फैसला लेगी, वे उनके साथ खड़े रहेंगे।