रोहित माखन ने कराई थी गोल्डी ढिल्लों से बात
पुलिस सूत्रों के अनुसार जेल में बंद रोहित माखन ने अमित शराबी की बातचीत गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों से कराई थी। इसके बाद गोल्डी ढिल्लों ने सेक्टर-11 की कैमिस्ट मार्केट में टारगेट किलिंग की सुपारी दी। पुलिस का दावा है कि गोल्डी ढिल्लों और रोहित माखन ने आरोपी को वारदात का पूरा रूट मैप भी समझाया था। अमित डिब्बा गोल और सिग्नल एप के जरिये लगातार गोल्डी ढिल्लों के संपर्क में था।
चश्मा लगाए मोटे व्यक्ति को बनाया था निशाना
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि शूटरों को हत्या के लिए दो स्पष्ट पहचान बताई गई थीं। उन्हें कहा गया था कि सेक्टर-11 के कुमार मेडिकल में कैश काउंटर पर चश्मा लगाए एक मोटा व्यक्ति मिलेगा, उसी को निशाना बनाना है।
पहचान की चूक, जानकीदास की चली गई जान
पुलिस सूत्रों का दावा है कि जानकीदास असली टारगेट नहीं था। निशाना कैमिस्ट का मालिक था, जिसकी पहचान चश्मा लगाए मोटे व्यक्ति के रूप में बताई गई थी। चूंकि कैश काउंटर पर बैठे जानकीदास का हुलिया उसी पहचान से मेल खा गया, इसलिए शूटरों ने उसे ही गोलियों का निशाना बना दिया।
अब रोहित माखन से भी होगी पूछताछ
जांच एजेंसियां अब रोहित माखन को भी प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाने की तैयारी कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि गोल्डी ढिल्लों और अमित शराबी के बीच संपर्क स्थापित कराने में उसकी अहम भूमिका रही। ऐसे में उससे पूछताछ के बाद हत्या की साजिश और सुपारी नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
अमित शराबी का रिमांड पांच दिन और बढ़ा
अमित शराबी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस ने उसे जिला अदालत में पेश किया जहां अदालत ने पांच दिन का पुलिस रिमांड और मंजूर कर दिया। इससे पहले वह चार दिन के रिमांड पर था। अब पुलिस उसे 11 जुलाई को दोबारा अदालत में पेश करेगी।जांच एजेंसियों के अनुसार विस्तारित रिमांड के दौरान हत्या की साजिश की पूरी परतें खोलने पर फोकस रहेगा। चंडीगढ़ पुलिस 2 जुलाई को अमित शराबी को जम्मू के सांबा स्थित जेल से प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए चंडीगढ़ लाई थी। जांच के दौरान उसका आमना-सामना पहले से गिरफ्तार अन्य आरोपियों से भी कराया गया है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), वित्तीय लेनदेन और वारदात से पहले व बाद की गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर मामले में नए तथ्य और अहम सबूत सामने आ सकते हैं।