पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि ‘मावां-धीआं सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की दूसरी किस्त के रूप में 1,262.54 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 36.87 लाख महिलाओं को अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की किस्त एक साथ मिल रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक इस योजना के तहत महिलाओं के खातों में कुल 3,824.87 करोड़ रुपये सीधे भेजे जा चुके हैं।
श्री गोइंदवाल साहिब में आयोजित विशाल समागम को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि महिलाओं के मोबाइल फोन पर बैंक खाते में राशि पहुंचने की पुष्टि के ‘टूं-टूं’ संदेश उनकी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर दिखाते हैं। उन्होंने दावा किया कि जब तक उनकी सरकार सत्ता में रहेगी, महिलाओं के मोबाइल पर ऐसे संदेश आते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों से लिए गए कर के पैसे को उनकी भलाई पर खर्च कर रही है।
मान ने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास, स्वाभिमान और आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाना है। उनके अनुसार पंजाब की करीब 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के योग्य होंगी और सरकार का लक्ष्य सम्मान राशि का लाभ एक करोड़ महिलाओं तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि योजना में कोई शर्त नहीं रखी गई है। यदि एक परिवार में तीन महिलाएं पात्र हैं तो तीनों को सम्मान राशि मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पंजीकरण में 1.37 लाख ‘सत्कार सखियों’ ने योगदान दिया है और उन्हें प्रोत्साहन राशि के तौर पर अब तक 51 करोड़ रुपये से अधिक दिए जा चुके हैं। पंजीकरण में सहयोग कर रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यह सामाजिक क्रांति है’
मान ने खडूर साहिब की ऐतिहासिक धरती का जिक्र करते हुए कहा कि इसी क्षेत्र में गुरु अमरदास जी ने सती प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई और लंगर की परंपरा को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से ‘मावां-धीआं सत्कार योजना’ के लिए इस ऐतिहासिक धरती को चुना गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले 73.99 लाख महिलाओं को सम्मान राशि के रूप में 2,562.33 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने योजना को महिलाओं की आर्थिक आजादी से जोड़ते हुए इसे ‘सामाजिक क्रांति’ बताया।
विपक्षी दलों पर साधा निशाना
भगवंत मान ने कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि ये दल सत्ता में आते हैं तो महिलाओं की मासिक सम्मान राशि, मुफ्त बिजली और मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाएं बंद हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कार्यकर्ताओं की तुलना में मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखने वाले नेताओं की संख्या अधिक है।
कांग्रेस को लेकर मान ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटा दिया गया है और नया अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि नए अध्यक्ष के आने के बाद भी कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खत्म नहीं होगी।
अकाली दल पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बादल, कैप्टन और मजीठिया परिवारों का लंबे समय तक पंजाब की राजनीति पर प्रभाव रहा, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने अकाली नेताओं पर धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप भी लगाया।
शिक्षा में सुधार का दावा
मान ने अपनी सरकार के शिक्षा क्षेत्र के कामकाज का जिक्र करते हुए दावा किया कि केंद्र के मूल्यांकन के अनुसार पंजाब स्कूली शिक्षा में 27वें स्थान से पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्मार्ट क्लासरूम बनाए, अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती की।
मुख्यमंत्री ने नीट परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी तो पंजाब से करीब 80 छात्र ही नीट परीक्षा पास करते थे। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त प्रशिक्षण शुरू करने के बाद इस साल 882 विद्यार्थियों के नीट पास करने का दावा उन्होंने किया। मान ने कहा कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे परिवारों के बच्चों की है, जिन्होंने आर्थिक कठिनाइयों के बीच अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखी।