सखी सईंया तो खूब ही कमात है महंगाई डायन खाये जात है... यह बॉलीवुड फिल्म का गाना पंजाब के लोगों के लिए स्टीक बैठ रह है। क्योंकि पंजाब के लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं। पंजाब पर पहले ही कर्ज का बोझ है। इस बीच सूबे में बढ़ रही महंगाई ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल में पंजाब की महंगाई दर में बढ़ोतरी हुई है, जो राष्ट्रीय दर से भी अधिक है। पंजाब उन पांच राज्यों में शामिल हैं, जहां पर महंगाई दर सबसे ज्यादा है।
इस कारण जरूरी सामान की कीमतें बढ़ रही हैं, जो लोगों की जेब पर सीधा असर डाल रही है। केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में महंगाई दर 4.09 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है, जबकि मार्च में सूबे की महंगाई दर 3.65 प्रतिशत थी। इस तरह इसमें 0.44 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर महंगाई दर में कमी आई है। मार्च में यह 3.34 प्रतिशत थी, जो अप्रैल में कम होकर 3.16 प्रतिशत हो गई है। जिन पांच राज्यों में महंगाई दर अधिक है, उनमें पहले नंबर पर केरल 5.94%, दूसरे नंबर पर कर्नाटक 4.26%, तीसरे नंबर पर जम्मू-कश्मीर 4.25% और 4.09% महंगाई दर के साथ पंजाब चौथे नंबर पर है। पांचवें नंबर पर उत्तराखंड की महंगाई दर 3.81% है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में हुई यह बढ़ोतरी
इसी तरह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पंजाब में अप्रैल के दौरान सीपीआई बढ़कर 185.6 हो गया है, जो मार्च में 184.5 था। सबसे अधिक सीपीआई 214.8 मणिपुर में दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी सीपीआई में बढ़ोतरी हुई है। मार्च में यह 192 था, जो अप्रैल में बढ़कर 192.6 हो गया है। सीपीआई एक तरह का पैमाना है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि समय के साथ आम लोगों की तरफ से खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है। इसमें खाने-पीने का सामान, किराया, कपड़े, शिक्षा, इलाज, परिवहन, बिजली व पानी जैसी सेवाएं शामिल होती हैं।
पंजाब पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ
पंजाब पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश पर वर्ष 2024-25 के दौरान अनुमानित कर्ज 3.82 लाख करोड़ रुपये था। 2025-26 के बजट के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष के अंत तक प्रदेश पर 4.17 लाख करोड़ का कर्ज हो जाएगा। सूबा सरकार के लिए इस कर्ज को कम करना सबसे बड़ी चुनौती है।
राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी तरह का बदलाव का असर पंजाब पर सीधा पड़ता है, क्योंकि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है। कुछ समय से खाद्य पदार्थों में दामों बढ़ोतरी हुई है। पंजाब में दूध के दाम भी बढ़े हैं। अप्रैल में कुछ बदलाव होते हैं। प्रदेश में महंगाई दर बढ़ने का एक नहीं, बल्कि कई कारण हैं।
- बिमल अंजुम, प्रोफेसर अर्थशास्त्र, डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़