पंजाब में जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते स्वास्थ्य क्षेत्र में दबाव बढ़ता जा रहा है। केंद्र व पंजाब सरकार इसको कम करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने पर जोर तो दे रही है, लेकिन अभी भी इसमें काफी काम करने की जरूरत है। पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की 43 प्रतिशत और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की 33 प्रतिशत कमी है। इसी तरह उपस्वास्थ्य केंद्र भी पूरे नहीं हैं और वे 20 प्रतिशत कम हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की हेल्थ डायनेमिक्स ऑफ इंडिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
हालांकि राज्य सरकार की तरफ से आम आदमी क्लीनिक स्थापित करके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कमी को पूरा किया गया है, लेकिन अभी भी कई क्षेत्रों में समस्या बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों की अनुमानित जनसंख्या 1 करोड़ 78 लाख 78 हजार है, लेकिन जनसंख्या के हिसाब से स्वास्थ्य सुविधाएं कम हैं। इस कारण लोगों को इलाज कराने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि जिला व सब डिवीजन अस्पतालों पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है और लोगों को घंटों लाइन में लगाकर इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है।
रिपोर्ट के अनुसार 3575 उपस्वास्थ्य केंद्रों की जरूरत जरुरत है, जबकि अभी फिलहाल 2857 ही बने हुए हैं। इसी तरह 718 और उपस्वास्थ्य केंद्रों की जरूरत है। 595 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की आवश्यकता है, जबकि 397 ही बने हुए हैं। 198 केंद्र बनाने की और जरूरत है। वहीं, प्रदेश में 148 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की जरूरत है, लेकिन 84 ही बने हैं। इसके चलते 64 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बनाने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई, 2023 तक मध्य वर्ष की जनसंख्या के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों की जनसंख्या में भी लगातार वृद्धि होती जा रही है। वर्ष 2011 के मुकाबले 2023 में प्रदेश की मध्य वर्ष की जनसंख्या में 3.08 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। पंजाब की वर्ष 2011 की जनगणना के हिसाब से ग्रामीण जनसंख्या 1 करोड़ 73 लाख 44 हजार 192 थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 1 करोड़ 78 लाख 78 हो गई है।
यह है सरकार की योजना
स्वास्थ्य विभाग उन क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार करवा रहा है, जहां पर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र बनाने की जरूरत है। सरकार ने अगले कुछ साल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने का लक्ष्य तय किया है। विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र में 530 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए हैं। इन पर 80 प्रकार की दवाएं और 38 डायग्नोस्टिक लैब टेस्ट मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं। इस तरह विभाग इन क्लीनिकों के जरिये प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कमी पूरी करने का प्रयास कर रहा है।
प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों की कमी है। सरकार के समक्ष लगातार इस मामले को उठा रहे हैं, ताकि अस्पतालों में मरीजों का बोझ कम हो सके और लोगों को भी इलाज के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विभाग इस समस्या से भलीभांति वाकिफ है और जल्द ही प्रदेश में नए स्वास्थ्य केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है। -सिमरनप्रीत सिंह, महासचिव, पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन