पंजाब में वे काॅलोनियां जहां 25 प्रतिशत या इससे अधिक निर्माण हो चुका है, उन्हें सरकार नियमित करेगी। इसके लिए एरिया के हिसाब से कलेक्टर रेट अदा करना पड़ेगा। इसके अलावा जमीन अधिग्रहण नीति (लैंड पूलिंग पॉलिसी) के लाभों में भी वृद्धि संबंधी प्रस्ताव को सरकार ने हरी झंडी दे दी है। साथ ही सूबे में चल रहे एसआईआर के दौरान मतदाताओं को जो सरकारी दस्तावेज चाहिए, वे उन्हें निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। पंजाब कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है।
पंजाब में करीब 14 हजार अवैध कॉलोनियां हैं, जहां बिजली-पानी के कनेक्शन तो हैं मगर पक्की सड़कें, सीवरेज, नालियां इत्यादि अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। रजिस्ट्री के लिए भी यहां एनओसी की जरूरत पड़ती है। इस वजह से यहां के बाशिंदे बहुत ज्यादा परेशान हैं। सरकार ने अब इन्हें नियमित करने का फैसला लिया है।
इन कॉलोनियों को नियमित करने के लिए अब संबंधित कॉलोनी को काटने वाले कॉलोनाइजरों, डेवलपरों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) या अधिकृत एजेंटों को विभिन्न जिलों में रिहायशी इकाइयों के लिए 5 प्रतिशत व व्यावसायिक इकाइयों के लिए 10 प्रतिशत कलेक्टर रेट अदा करना पड़ेगा।
यदि कॉलोनी में कोई अधिकृत व्यक्ति या एसोसिएशन नहीं है तो वहां रिहायशी मकान मालिक 6 प्रतिशत कलेक्टर रेट देकर अपना मकान नियमित करवा सकता है। सरकार ऐसी कॉलोनियों का सर्वे करवाएगी जो 25 प्रतिशत या इससे अधिक विकसित हो चुकी हैं।
मालिकों को मिलेगा ज्यादा लाभ-चीमा
सरकार ने जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों व अन्य हितधारकों को अधिक लाभ देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। उन्हें संशोधित नीति के तहत ज्यादा लाभ देने का फैसला लिया गया है। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जमीन मालिकों के लिए आवासीय और व्यावसायिक प्लॉटों का क्षेत्र बढ़ाने के लिए संशोधनों को मंजूरी दी है।
संशोधित नियमों के अनुसार लैंड पूलिंग के तहत आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी चुनने वाले जमीन मालिकों को प्रति एकड़ 1,000 वर्ग गज के आवासीय प्लॉट मिलते रहेंगे जबकि व्यावसायिक जगह को 200 वर्ग गज से बढ़ाकर 210 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दिया गया है। जो लोग केवल आवासीय श्रेणी चुनते हैं, उन्हें अब 1,600 वर्ग गज की जगह 1,630 वर्ग गज प्रति एकड़ मिलेगा जबकि व्यावसायिक श्रेणी के परियोजनाओं के लिए व्यावसायिक जगह 800 वर्ग गज से बढ़ाकर 840 वर्ग गज प्रति एकड़ कर दी गई है।
आउस्टी पॉलिसी में संशोधन
कैबिनेट ने आउस्टी पॉलिसी में संशोधनों को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत वह जमीन मालिक जिनकी 1 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाती है, वे 200 वर्ग गज के प्लॉट के हकदार होंगे। जिनकी अधिग्रहित जमीन 1 एकड़ से अधिक और 2.5 एकड़ तक है, उन्हें 300 वर्ग गज का प्लॉट मिलेगा। जिनकी अधिग्रहित जमीन 2.5 एकड़ से अधिक है, वे 500 वर्ग गज के प्लॉट के हकदार होंगे।
लेटर ऑफ इंटेंट की व्यवस्था स्वीकृत
कैबिनेट ने छोटे किसानों के लिए विशेष लेटर ऑफ इंटेंट की व्यवस्था को भी मंजूरी दी है और सुविधा सर्टिफिकेट की अवधि दो साल से बढ़ाकर चार साल कर दी है। इसके अलावा इस नीति के तहत विकसित प्लॉट लेने वाले असली जमीन मालिकों को रजिस्ट्रेशन या कन्वेयंस डीड के समय स्टांप ड्यूटी या अन्य खर्च नहीं देने पड़ेंगे। वैकल्पिक रूप से वे अधिग्रहित ज़मीन के कलेक्टर रेट पर गणना किए गए मूल्य तक पंजाब में कहीं भी ज़मीन खरीदते समय स्टांप ड्यूटी की छूट का लाभ ले सकते हैं। योग्य जमीन मालिकों को एक ट्यूबवेल कनेक्शन भी मिलेगा जबकि इस नीति में भाग लेने वाले किसान प्राथमिक स्थानों पर प्लॉटों की आवंटन के योग्य होंगे।
तीन महीने सरकारी फीस माफ
पंजाब में एसआईआर प्रक्रिया जारी है। नागरिकता साबित करने के लिए मतदाताओं को 12 तरह के दस्तावेज की जरूरत है। इनमें से कई दस्तावेज सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं। इन दस्तावेजों में मुख्यत: जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं और 12वीं कक्षा के डुप्लीकेट प्रमाण पत्र इत्यादि शामिल हैं। इन दस्तावेजों को लेने के लिए अभी 50 व 70 रुपये सरकारी फीस है। सरकार ने यह फैसला लिया है कि यह दस्तावेज 1 जुलाई से 30 सितंबर तक सेवा केंद्रों, डोर स्टेप डिलीवरी और ऑनलाइन नागरिक सेवा पोर्टल के माध्यम से निशुल्क मिलेंगे।