रंजीत कौर ने बताया कि इस खूनी हमले के बाद हमलावरों ने घर को अंदर से कुंडी लगाकर बंद कर लिया और उन्हें अपने ही घर से बेदखल कर दिया। इतना ही नहीं, दोबारा घर में दाखिल होने या खाली न करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। वहीं उनकी बेटी शिवानी हंस का कहना है कि आरोपी पक्ष अक्सर शराब के नशे में धुत होकर घर में दहशत का माहौल पैदा करता है और मारपीट पर उतारु हो जाते हैं।
पीड़ित परिवार ने स्थानीय मोती नगर पुलिस स्टेशन के रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शिवानी का दावा है कि घटना के तुरंत बाद संबंधित थाने में गुहार लगाई थी मगर किसी भी अधिकारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। दूसरी ओर, मामले की गंभीरता को देखते हुए मोती नगर थाने के प्रभारी जसपाल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें मिली है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए दोनों पक्षों को पुलिस स्टेशन तलब किया गया है और उनके बयानों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।