पंजाब के वरिष्ठ न्यायिक सेवा अधिकारी रंजीव कुमार वशिष्ठ व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने पर हुई देरी के चलते 10 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए यह आदेश जारी किया है।
जिन कर्मियों का चयन एक जनवरी, 2004 से हुआ था और नियुक्ति इसके बाद, उन कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ जारी करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने पर हुई देरी के चलते 10 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए यह आदेश जारी किया है।
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पंजाब के वरिष्ठ न्यायिक सेवा अधिकारी रंजीव कुमार वशिष्ठ व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की थी। याचिका में बताया गया था कि उनका चयन 1 जनवरी 2004 से बहुत पहले हो गया था, लेकिन किसी कारण भर्ती में देरी हो गई। याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति जनवरी 2004 के बाद दी गई थी।
2022 में पंजाब सरकार के वित्त विभाग ने निर्णय लिया था कि ऐसे सभी कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा जिनका चयन 1 जनवरी, 2004 से पहले हो गया था लेकिन नियुक्ति बाद में दी गई थी। इन कर्मियों में पंजाब के वरिष्ठ न्यायिक सेवा अधिकारी भी शामिल हैं। 2 साल से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद याचिकाकर्ताओं को इसका लाभ नहीं दिया गया है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि जल्द निर्णय नही लिया गया तो हमें आदेश जारी करने को मजबूर होना पड़ेगा। पंजाब सरकार ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि जैसे ही काउंसिल ऑफ मिनिस्टर से मंजूरी मिल जाएगी, यह लाभ जारी कर दिया जाएगा।