आरोपी युवती को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसने आपत्तिजनक तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने और परिवार को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया तथा शादी से इनकार कर दिया।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अमृतसर में युवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने और आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने के मामले में जांच अधिकारी बदलने का आदेश दिया है।
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अदालत ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने से इनकार किया लेकिन निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए नए अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को आदेश दिया कि जांच महिला मामलों से जुड़े विशेष पुलिस महानिदेशक की निगरानी में कराई जाए। नए जांच अधिकारी ऐसे वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी होंगे जिनका इस मामले की पहले की जांच से कोई संबंध न रहा हो।
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मामला युवती के पिता की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। आरोप है कि आरोपी युवती को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसने आपत्तिजनक तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने और परिवार को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया तथा शादी से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता ने पुलिस जांच पर बाहरी प्रभाव का आरोप लगाया था। जस्टिस मंदीप पन्नू ने कहा कि आरोप गंभीर हैं। सभी पक्षों का भरोसा बनाए रखने के लिए जांच स्वतंत्र, निष्पक्ष और पहले की जांच से असंबंधित अधिकारी को सौंपना उचित होगा।