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जल विवाद में दखल से हाईकोर्ट का इनकार : क्या नंगल डैम से हटेगी पंजाब पुलिस? केंद्रीय बल होगा तैनात

Tue, 06 May 2025 10:03 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब और हरियाणा के बीच चल रहे जल विवाद में दखल से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। ऐसे में अब दोनों राज्यों को विवाद सुलझाने के लिए दूसरे विकल्प तलाशने के लिए कहा गया है।
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हरियाणा पंजाब के मुख्यमंत्री। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा और पंजाब के बीच वाटर वार को लेकर बीबीएमबी की तरफ से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि जो हम दुश्मन देश के साथ ऐसा कर रहे हैं, राज्यों के बीच ऐसा नहीं करना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि पंजाब पुलिस बीबीएमबी के काम में दखल नहीं देगी, हरियाणा के पानी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार से संपर्क करेगी। साथ ही कोर्ट ने हरियाणा के पानी के मामले में दखल से इनकार करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है। हालांकि अभी विस्तृत आदेश आना बाकी है।

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भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने याचिका दाखिल करते हुए नंगल बांध और लोहंद नियंत्रण कक्ष जल विनियमन कार्यालयों में तैनात पंजाब पुलिस बलों को हटाने की मांग की थी। बोर्ड ने बताया कि 1 मई की सुबह पंजाब सरकार ने अपने पुलिस बल के माध्यम से नंगल बांध और लोहंद नियंत्रण कक्ष जल विनियमन कार्यालयों के संचालन और विनियमन का नियंत्रण जबरन अपने हाथ में ले लिया और हरियाणा को पानी छोड़ने से जबरन रोका। 30 अप्रैल को हुई बैठक में बोर्ड ने हरियाणा को 8,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का फैसला किया था, जिस पर पंजाब ने आपत्ति जताई थी। 

पंजाब सरकार ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है और खतरे की आशंका और बलों की तैनाती पर फैसला करना राज्य का विशेषाधिकार है। पंजाब सरकार ने कहा कि हरियाणा सरकार दलील दे रही है कि वेस्टर्न यमुना कनाल में रिपेयर के चलते पानी की किल्लत है, लेकिन कनाल की रिपेयर का काम तो 1 मई को पूरा हो चुका है। 
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बीबीएमबी की ओर से दलील दी गई कि जहां तक सुरक्षा का सवाल है, हमारे पास अपना सुरक्षा निदेशक हैं। बीबीएमबी ने न्यायालय को बताया कि विवाद से पहले केवल 15 सुरक्षाकर्मी थे और अब भारत-पाक मुद्दे की आड़ में यह संख्या बढ़कर 55 कर दी गई है। 

केंद्र सरकार की ओर से पेश एएसजी सत्य पाल जैन ने कहा कि बीबीएमबी द्वारा पानी का प्रवाह केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि राजस्थान और दिल्ली को भी जाता है। अगर किसी राज्य को हरियाणा को पानी छोड़ने के लिए बोर्ड द्वारा पारित प्रस्ताव से कोई समस्या है, तो उसे उचित कानूनी तरीकों से चुनौती दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोर्ट पंजाब सरकार को पुलिस बल हटाने का निर्देश दे सकता है। 

हरियाणा सरकार ने तर्क दिया कि पंजाब पानी के वितरण का पूरी ताकत से विरोध कर रहा है। बांध की सुरक्षा की आड़ में वे ऐसा किया जा रहा है। 8500 क्यूसेक की मांग सिर्फ हरियाणा के लिए नहीं बल्कि दिल्ली और राजस्थान के लिए भी है। दिल्ली को 1,049 और 850 राजस्थान को जाएगा। हाईकोर्ट ने कहा कि हमने देखा है कि संवेदनशील स्थानों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाती है।

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