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Chandigarh: फर्जी मतदान का विरोध करने पर मारपीट का आरोप, विधायक समेत अन्य को हाईकोर्ट का नोटिस

Mon, 15 Jun 2026 08:53 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

याचिका में चुनाव के दौरान कथित मारपीट, फर्जी मतदान कराने की कोशिश, शिकायत पर कार्रवाई न होने और परिवार की सुरक्षा को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फरीदकोट के जैतो नगर परिषद चुनाव से जुड़ा विवाद अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। वॉर्ड नंबर-16 से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार केवल कृष्ण और उनकी बेटी नेहा बिंदल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार, डीजीपी, फरीदकोट के एसएसपी समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए नेहा बिंदल और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
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याचिका में नेहा बिंदल ने स्थानीय विधायक अमलोक सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव के दिन शाम को विधायक अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्र पहुंचे थे। आरोप है कि विधायक और उनके समर्थक फर्जी तथा बोगस वोट डलवाने का प्रयास कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी तो उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
 
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याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि विरोध करने के कारण उनके साथ और अन्य लोगों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने अदालत को बताया कि घटना के बाद से उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा संबंधी खतरा बना हुआ है। इसी कारण उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा है। अदालत ने फरीदकोट के एसएसपी को निर्देश दिया है कि मामले में अब तक की गई जांच की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट आगामी शुक्रवार तक अदालत में पेश की जाए। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।

याचिका में चुनाव के दौरान कथित मारपीट, फर्जी मतदान कराने की कोशिश, शिकायत पर कार्रवाई न होने और परिवार की सुरक्षा को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। साथ ही चुनाव वाले दिन की वीडियोग्राफी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है ताकि कथित घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य नष्ट न हो सकें।
 
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