हाईकोर्ट ने कहा कि केवल प्रेम संबंध की जानकारी आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध साबित नहीं करती। खासकर तब जब दोनों घटनाओं के बीच लगभग तीन महीने का अंतर हो।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्नी के कथित प्रेम संबंध के बाद पति की आत्महत्या के मामले में आरोपी के पिता को अग्रिम जमानत दी है। यह घटना कथित प्रेम संबंध की जानकारी मिलने के करीब तीन महीने बाद हुई थी।
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मृतक के परिजनों ने पत्नी के कथित प्रेमी और उसके पिता पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल प्रेम संबंध की जानकारी आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध साबित नहीं करती। खासकर तब जब दोनों घटनाओं के बीच लगभग तीन महीने का अंतर हो।
आरोपी के पिता विजय कुमार उर्फ साबू पंडित को जमानत मिली। अदालत ने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला तभी बनता है जब आरोपी के आचरण और आत्महत्या के बीच स्पष्ट, प्रत्यक्ष और निकट संबंध हो। प्रथम दृष्टया इस मामले में ऐसा संबंध नहीं दिखा।
मामले का विवरण
यह मामला पंजाब के पठानकोट जिले के तारागढ़ थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता शकुंतला देवी के अनुसार, उनके बेटे रमेश पाल को फरवरी 2026 में पत्नी के कथित प्रेम संबंध का पता चला। इसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। करीब तीन महीने बाद मई 2026 में रमेश पाल घर से लापता हो गया और बाद में उसका शव बरामद हुआ।