स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा भगवंत मान सरकार ने पिछली सरकारों द्वारा नजरअंदाज किए गए आयुर्वेद विभाग की सुध लेते हुए इसका कायाकल्प किया है। डॉ. बलबीर सिंह बुधवार को सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज, पटियाला में ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ थीम के तहत मनाए गए 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह बेहद अफसोस की बात थी कि आयुर्वेदिक विभाग का कोई सुध लेने वाला नहीं था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1954 के बाद पहली बार भगवंत मान सरकार ने सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज, पटियाला में 23 नियमित अध्यापकों और प्रिंसिपल सहित गुरु रविदास आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तथा विशेषज्ञ स्टाफ की नियुक्तियां की हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा 7.7 करोड़ रुपये की दवाइयां खरीदी गई हैं, 7 सरकारी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरियों की मरम्मत करवाई गई है और 10 करोड़ रुपये का एक और टेंडर लगाया गया है। डॉ. बलबीर सिंह ने आयुर्वेदिक चैटबॉट की शुरुआत करते हुए आयुर्वेदिक डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे पहले चरण में करीब 20 गांवों को गोद लेकर आयुर्वेदिक उपचार प्रणाली तथा अन्य चिकित्सा पद्धतियों से उपचार के संबंध में अध्ययन करें।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिगड़ी जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन आयुर्वेद में मनुष्य के आहार को औषधि की तरह इस्तेमाल करते हुए गंभीर बीमारियों का जड़ से उपचार करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हमारी प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा परंपरा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत गांव-गांव नवग्रह वाटिका बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस अवसर पर गुरु रविदास आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. संजीव सूद, रजिस्ट्रार डॉ. संजीव गोयल, डायरेक्टर आयुर्वेद डॉ. रमन खन्ना, सीएम योगशाला के कोऑर्डिनेटर अमरेश कुमार एवं कमलेश मिश्रा, सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. चंद्र शेखर शर्मा, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. मोहन लाल, कंट्रोलर परीक्षाएं डॉ. अंजू बाला, आयुर्वेद सलाहकार डॉ. राजीव मेहता तथा बड़ी संख्या में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी और छात्र उपस्थित थे।