मंजिल उन्हें मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है पंजाब के अबोहर के हरजीत सिंह हजारा ने, जिन्होंने 31 दिन में लगभग 4 हजार किमी. की साइकिल यात्रा की है।
अबोहर निवासी और अबोहर पैडलर क्लब के सदस्य हरजीत सिंह हजारा ने यह साबित कर दिया है कि बुलंद हौसले से बड़ी से बड़ी मंजिल तक पहुंचने के लिए रास्ते आसान बन जाते हैं। हरजीत सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के एक गांव से गुजरात के करशेवर गांव तक करीब 3926 किलोमीटर की साइकिल यात्रा की है। इस सफर को पूरा करने में 31 दिन लगे हैं। अबोहर पहुंचने पर शहरवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इनकी इस यात्रा का मकसद भी युवाओं से जुड़ा है।
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हरजीत सिंह ने बताया कि युवाओं को नशे से बचाने और उन्हें खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से उन्होंने यह साइकिल यात्रा की है। यह उनकी दूसरी साइकिल यात्रा थी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे में उलझकर जीवन बर्बाद कर रही है, इसलिए खेलों से जुड़कर शरीर और मन को स्वस्थ रखने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि इस जागरूकता यात्रा में बठिंडा और गंगानगर के चार साथी भी साथ रहे। इससे पहले वर्ष 2019 में भी वे कश्मीर से कन्या कुमारी तक साइकिल यात्रा कर चुके हैं। हरजीत सिंह की इस प्रेरणादायक पहल से शहर के युवा वर्ग में भी उत्साह देखा जा रहा है।