पंजाब के अबोहर के रहने वाले मानिक टंडन की मथुरा में नाव हादसे में मौत हो गई। रविवार को उनका शव घर पहुंचा तो सैकड़ों लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। मानिक टंडन की शादी तय हो चुकी थी और परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था।
उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में नाव दुर्घटना में पंजाब के 10 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इस हादसे में जान गंवाने वालों में नई आबादी अबोहर निवासी मानिक टंडन भी है। मानिक टंडन का शव रविवार सुबह उसके घर पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम छा गया। घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर आंख नम थी और हर चेहरा गम में डूबा हुआ।
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सुबह करीब 8 बजे जैसे ही शव घर पहुंचा तो वहां चीख-पुकार मच गई। परिजनों का विलाप सुनकर माहौल और भी दर्दनाक हो गया। सबसे हृदयविदारक दृश्य उसकी वृद्ध मां, दो बहनों और मंगेतर का था। मानिक की मंगेतर इस समय सदमे में है। जिन हाथों ने उसकी शादी की तैयारियां शुरू की थी, वह आज कांपते हुए उसे अंतिम विदाई दे रहे थे। मानिक टंडन की शादी इसी साल सितंबर में तय थी। उसने विवाह के लिए शहर का एक बड़ा पैलेस भी बुक कर लिया था और बाकी तैयारियां वृंदावन से लौटकर पूरी करने वाला था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
दोपहर में इंदिरा नगरी रोड स्थित मुख्य शिवपुरी में मानिक टंडन का अंतिम संस्कार किया गया, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी। इस मौके पर समाजसेवी राजू चराया ने कहा कि यह हादसा न केवल एक परिवार, बल्कि पूरे शहर के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रा जहां आस्था का प्रतीक होती है, वहीं इस तरह की दुखद घटनाएं दिल को झकझोर कर रख देती हैं।